ध्यान दें! 1 जुलाई से इन गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, जानें क्यों?

Edited By Updated: 21 Jun, 2025 11:25 AM

these people will not get petrol and diesel from july 1 know why

प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर फ्यूल नहीं मिलेगा। यह नियम उन वाहनों पर...

बिजनेस डेस्कः प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर फ्यूल नहीं मिलेगा। यह नियम उन वाहनों पर लागू होगा जिन्हें एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) के रूप में चिह्नित किया गया है और जिनकी पहचान ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से की जाएगी।

CAQM ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2025 से गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में भी लागू कर दिया जाएगा और 1 अप्रैल 2026 से NCR के बाकी हिस्सों में इसे प्रभावी किया जाएगा।

अब तक 4.90 लाख वाहन EOL घोषित

CAQM के सदस्य डॉ. वीरेंद्र शर्मा के अनुसार, दिल्ली के 500 फ्यूल स्टेशनों पर ANPR कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से अब तक 3.63 करोड़ वाहनों की जांच की गई है, जिनमें से 4.90 लाख वाहनों को EOL श्रेणी में रखा गया है।

इसके अलावा, लगभग 29.52 लाख वाहनों ने अपने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) का नवीनीकरण कराया है। नियमों के उल्लंघन पर 168 करोड़ रुपए के चालान भी जारी किए गए हैं।

100 इंफोर्समेंट टीमें होंगी तैनात

दिल्ली परिवहन विभाग ने नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए 100 विशेष इंफोर्समेंट टीमों की तैनाती की है। ये टीमें संदिग्ध वाहनों की पहचान, पेट्रोल पंपों की निगरानी और टोल प्लाजा पर निरीक्षण का काम करेंगी।

शर्मा ने कहा कि पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को हटाना दिल्ली-NCR की हवा साफ करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। अब जब निगरानी प्रणाली डिजिटल और पारदर्शी हो गई है, तो इसका दायरा भविष्य में और बढ़ाया जाएगा।

कैसे काम करता है ANPR सिस्टम?

  • ANPR कैमरे पेट्रोल पंप पर वाहन के प्रवेश करते ही नंबर प्लेट स्कैन करते हैं।
  • यह डेटा सरकारी डेटाबेस से मिलाया जाता है, जिसमें वाहन की उम्र, ईंधन प्रकार और रजिस्ट्रेशन डिटेल होती हैं।
  • यदि वाहन निर्धारित उम्र सीमा से अधिक है, तो उसे EOL वाहन के रूप में चिह्नित किया जाता है।
  • सिस्टम तुरंत पेट्रोल पंप को ईंधन भरने से इनकार करने का अलर्ट भेजता है।
  • उल्लंघन की सूचना इंफोर्समेंट एजेंसियों तक पहुँचती है, जो आगे ज़ब्ती या स्क्रैपिंग जैसी कार्रवाई करती हैं। 
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