Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 May, 2026 06:25 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ग्लोबल कमोडिटी बाजार में दबाव के बीच UBS ने साल 2026 के लिए सोने का लक्ष्य घटाकर 5,600 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। फिलहाल कॉमेक्स पर सोना करीब 4,500 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ग्लोबल कमोडिटी बाजार में दबाव के बीच UBS ने साल 2026 के लिए सोने का लक्ष्य घटाकर 5,600 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। फिलहाल कॉमेक्स पर सोना करीब 4,500 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
UBS इन्वेस्टमेंट बैंक की रणनीतिकार Joni Teves के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में सोने में पहले जैसी तेज तेजी की उम्मीद कम है। हालांकि उन्होंने लॉन्ग टर्म में सोने की कीमतों में मजबूती की संभावना जताई है।
चांदी पर ज्यादा भरोसा
UBS का मानना है कि आने वाले समय में चांदी का प्रदर्शन सोने से बेहतर हो सकता है। इसकी वजह यह है कि चांदी की मांग अब केवल आभूषणों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
क्यों दबाव में है गोल्ड मार्केट?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर की मजबूती फिलहाल कमोडिटी बाजार पर दबाव बना रही हैं। हालांकि यह असर शॉर्ट टर्म तक सीमित रह सकता है। यदि पश्चिम एशिया का तनाव कम होता है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
UBS ने कहा है कि भले ही निकट अवधि में सोने में कमजोरी दिख सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह मजबूत निवेश बना रह सकता है। बाजार जानकारों का मानना है कि निवेशकों को धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से सोने में निवेश करना चाहिए, ताकि गिरावट के दौरान भी बेहतर औसत खरीद का फायदा मिल सके।