Gold Trend change: घर का सोना बेच नहीं रहे लोग, गिरवी रखकर उठा रहे कर्ज, Gold loan का बढ़ा चलन

Edited By Updated: 07 Aug, 2026 06:19 PM

people are opting to pledge their gold for loans rather

देश में सोने की रिकॉर्ड कीमतों ने लोगों के व्यवहार में बड़ा बदलाव ला दिया है। पहले जरूरत पड़ने पर परिवार सोना बेच देते थे लेकिन अब अधिकतर लोग गहने बेचने के बजाय उन्हें गिरवी रखकर कर्ज लेना पसंद कर रहे हैं। दूसरी ओर, आभूषणों की मांग में कमी आई

नई दिल्लीः देश में सोने की रिकॉर्ड कीमतों ने लोगों के व्यवहार में बड़ा बदलाव ला दिया है। पहले जरूरत पड़ने पर परिवार सोना बेच देते थे लेकिन अब अधिकतर लोग गहने बेचने के बजाय उन्हें गिरवी रखकर कर्ज लेना पसंद कर रहे हैं। दूसरी ओर, आभूषणों की मांग में कमी आई है, जबकि निवेश के रूप में सोना खरीदने और गोल्ड लोन लेने का चलन तेजी से बढ़ा है।

महंगा हुआ सोना, गहनों की मांग घटी

विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के अनुसार चालू वर्ष की पहली छमाही में देश में कुल स्वर्ण मांग बढ़ी लेकिन आभूषणों की खरीद कमजोर रही। ऊंची कीमतों के कारण लोगों ने नए गहने खरीदने से दूरी बनाई, जबकि निवेश के उद्देश्य से सोने की खरीद अपेक्षाकृत मजबूत बनी रही।

गोल्ड बार की ओर बढ़ा रुझान

विशेषज्ञों का कहना है कि अब निवेशक पारंपरिक आभूषणों के बजाय गोल्ड ई.टी.एफ., सोने की ईंटों और सिक्कों में अधिक निवेश कर रहे हैं। बढ़ती कीमतों के बीच इन्हें बेहतर निवेश विकल्प माना जा रहा है। शहरी और युवा निवेशकों में यह रुझान तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ी हुई कीमतों के कारण लोग अपने पुराने गहने बेचने के बजाय उन्हें गिरवी रखकर बैंक और वित्तीय संस्थानों से ऋण ले रहे हैं। इससे जरूरत के समय नकदी भी मिल जाती है और परिवार की स्वर्ण संपत्ति भी सुरक्षित रहती है। इसी वजह से गोल्ड लोन का कारोबार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है।

अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरों में मौजूद विशाल स्वर्ण भंडार का बेहतर उपयोग हो सके तो इससे सोने के आयात पर निर्भरता कम होगी और चालू खाते के घाटे पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, गोल्ड लोन के तेजी से बढ़ते बाजार पर नियामकों की नजर बनी हुई है ताकि वित्तीय जोखिम को नियंत्रित रखा जा सके।

स्वर्ण मुद्रीकरण योजना को नहीं मिला अपेक्षित लाभ

सरकार ने वर्षों पहले घरों में पड़े निष्क्रिय सोने को आर्थिक व्यवस्था में लाने के लिए स्वर्ण मुद्रीकरण योजना शुरू की थी लेकिन कर व्यवस्था और जटिल प्रक्रियाओं के कारण इसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके चलते अधिकांश परिवार अब भी अपना सोना घरों में सुरक्षित रखना या जरूरत पड़ने पर गिरवी रखना ही बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
 

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