Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Aug, 2026 04:56 PM

Gold Price in 2030: सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर छू सकती हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित...
Gold Price in 2030: सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर छू सकती हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका फायदा कीमती धातुओं को मिल रहा है।
बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर फैसले पर टिकी हुई है। अगर फेड की ओर से ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपनाया जाता है, तो सोने और चांदी की कीमतों को आगे भी मजबूती मिल सकती है।
2030 में इस लेवल पर जा सकती है कीमतें
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने और चांदी में तेजी का मौजूदा दौर लंबा चल सकता है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, 2030 के शुरुआती सालों तक सोना 10,000 डॉलर प्रति औंस और चांदी 300 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जा सकती है। उनका कहना है कि मौजूदा तेजी पहले भी देखे गए लंबे बुल रन जैसी दिख रही है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, सोने में नई तेजी का दौर शुरू होता नजर आ रहा है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है, तो सोना अगले साल नए रिकॉर्ड स्तर बना सकता है और 7,000 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकता है।
खरीदारों को सलाह
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोने में खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। उन्होंने करीब 1,44,000 रुपए के स्तर पर खरीदारी की सलाह दी है, जबकि 1,46,000 रुपए का लक्ष्य और 1,42,500 रुपए का स्टॉपलॉस रखने की बात कही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की आगे की दिशा अमेरिकी रोजगार आंकड़ों, डॉलर की मजबूती और सरकारी बॉन्ड यील्ड जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। Citi का अनुमान है कि निकट अवधि में सोने में स्थिरता या हल्की कमजोरी आ सकती है लेकिन लंबी अवधि में इसमें तेजी की संभावना बनी रह सकती है।