Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 Jun, 2026 12:07 PM

बैंक एफडी पर ब्याज दरों में कमी के बीच देश के प्रमुख बैंक अपने ग्राहकों को यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) की ओर आकर्षित कर रहे हैं। बाजार से जुड़े बेहतर रिटर्न और बीमा सुरक्षा के संयोजन के कारण ULIP को एक समग्र वित्तीय समाधान के रूप में पेश...
बिजनेस डेस्कः बैंक एफडी पर ब्याज दरों में कमी के बीच देश के प्रमुख बैंक अपने ग्राहकों को यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) की ओर आकर्षित कर रहे हैं। बाजार से जुड़े बेहतर रिटर्न और बीमा सुरक्षा के संयोजन के कारण ULIP को एक समग्र वित्तीय समाधान के रूप में पेश किया जा रहा है।
ULIP की बिक्री में तेजी
हाल के वर्षों में ULIP की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। बीमा उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, निजी जीवन बीमा कंपनियों के कुल प्रीमियम संग्रह में यूलिप की हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक हो चुकी है। यह निवेशकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
नए ULIP में हुए बड़े बदलाव
एक समय भारी-भरकम शुल्क, कम रिटर्न के कारण यूलिप की छवि खराब हो गई थी लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। IRDAI के सख्त नियमों के बाद ULIP में कई सुधार किए गए हैं।
- प्रीमियम एलोकेशन चार्ज समाप्त, पूरा प्रीमियम निवेश में जाता है।
- पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन चार्ज नहीं।
- डेट और इक्विटी फंड के बीच बिना अतिरिक्त शुल्क के स्विच करने की सुविधा।
- लार्ज कैप, मिड कैप, फ्लेक्सी कैप और इंडेक्स फंड जैसे कई निवेश विकल्प उपलब्ध।
- फंड मैनेजमेंट चार्ज अधिकतम 1.35% प्रतिवर्ष तक सीमित।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि में इक्विटी आधारित ULIP ने औसतन 10%-13% तक का रिटर्न दिया है, जो पारंपरिक बीमा योजनाओं की तुलना में बेहतर माना जाता है।
क्या है ULIP?
ULIP एक ऐसा वित्तीय उत्पाद है, जिसमें बीमा और निवेश दोनों का लाभ मिलता है। प्रीमियम का एक हिस्सा जीवन बीमा कवर के लिए और शेष राशि बाजार आधारित फंडों में निवेश की जाती है।
यह उन लोगों के लिए उपयुक्त माना जाता है जो:
- 10 वर्ष या उससे अधिक अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं।
- बीमा और निवेश को एक ही उत्पाद में चाहते हैं।
- बाजार आधारित रिटर्न के साथ नियमित निवेश करना चाहते हैं।
टैक्स नियमों को समझना जरूरी
- 1 फरवरी 2021 के बाद जारी ULIP में कर लाभ प्रीमियम राशि पर निर्भर करता है।
- यदि वार्षिक प्रीमियम 2.5 लाख रुपये तक है, तो परिपक्वता राशि कर-मुक्त रह सकती है।
- 2.5 लाख रुपए से अधिक प्रीमियम वाले ULIP पर मिलने वाला लाभ दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) के रूप में कर योग्य होगा।
- नई कर व्यवस्था में धारा 80C के तहत कर छूट उपलब्ध नहीं है।