UN का दावा- 50% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रहेगा सबसे तेज बढ़ने वाली Economy

Edited By Updated: 09 Jan, 2026 11:08 AM

un claims that india will remain the fastest growing economy despite 50 us tari

भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली इकोनॉमी बनी रहेगी, भले ही अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया हो। संयुक्त राष्ट्र (UN) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में भारत की ग्रोथ रेट में हल्की गिरावट आ सकती है...

बिजनेस डेस्कः भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली इकोनॉमी बनी रहेगी, भले ही अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया हो। संयुक्त राष्ट्र (UN) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में भारत की ग्रोथ रेट में हल्की गिरावट आ सकती है लेकिन इसके बावजूद भारत ग्लोबल ग्रोथ चार्ट में टॉप पर रहेगा।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ‘विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं 2026’ में कहा गया है कि साल 2025 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है। हालांकि 2026 में यह घटकर 6.6 फीसदी हो सकती है। गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ को माना गया है।

मजबूत कंजंप्शन से टैरिफ का असर होगा कम

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत घरेलू उपभोग (Consumption) और सरकारी निवेश का सहारा मिलेगा। हालिया टैक्स सुधार और मॉनेटरी पॉलिसी में ढील से आर्थिक गतिविधियों को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे अमेरिकी टैरिफ के नकारात्मक असर को काफी हद तक संतुलित किया जा सकेगा।

2027 में फिर संभलेगी रफ्तार

संयुक्त राष्ट्र ने 2027 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका भारतीय निर्यात का करीब 18 फीसदी हिस्सा लेता है, इसलिए टैरिफ का असर निर्यात पर दिख सकता है। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन जैसे प्रमुख सेक्टरों को राहत मिलने की संभावना है। साथ ही यूरोप और मिडिल ईस्ट से मजबूत मांग नुकसान की आंशिक भरपाई कर सकती है।

रुपए पर दबाव लेकिन लंबी अवधि में सपोर्ट

यूएन के मुताबिक, डॉलर की कमजोरी के चलते साल की पहली छमाही में रुपया स्थिर रहा लेकिन दूसरी छमाही में अमेरिकी ग्रोथ और ट्रेड टेंशन के कारण इसमें गिरावट आई। इसके बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति से आने वाले समय में रुपये को सहारा मिलने की उम्मीद जताई गई है।

साउथ एशिया में महंगाई बढ़ने के संकेत

रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में 2026 के दौरान महंगाई बढ़ सकती है। औसत महंगाई दर 8.7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में महंगाई 4.1 फीसदी, नेपाल में 3.2 फीसदी और ईरान में 35.4 फीसदी तक रह सकती है।

ग्लोबल इकोनॉमी पर अनिश्चितता का साया

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ट्रेड पॉलिसी में बदलाव, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और राजकोषीय दबावों से जूझ रही है। हाई टैरिफ और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते आने वाले समय में ग्लोबल ग्रोथ की रफ्तार धीमी रह सकती है।
 

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