Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Feb, 2026 12:47 PM

अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक आयात शुल्कों को 6-3 के बहुमत से रद्द कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश John Roberts द्वारा लिखे गए फैसले में कहा गया कि राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए ये शुल्क कानूनी...
वॉशिंगटनः अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक आयात शुल्कों को 6-3 के बहुमत से रद्द कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश John Roberts द्वारा लिखे गए फैसले में कहा गया कि राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए ये शुल्क कानूनी अधिकार क्षेत्र से बाहर थे। इसे ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आर्थिक एजेंडे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
फैसले के बाद 20 फरवरी को जारी घोषणा में ट्रंप ने कहा कि 24 फरवरी 2026 से 150 दिनों के लिए अमेरिका में आयात होने वाले सभी सामान पर 10 प्रतिशत का अस्थायी आयात शुल्क लगाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी, क्योंकि पहले लगाए गए भारी पारस्परिक शुल्क अब घटकर 10 प्रतिशत रह जाएंगे।
गौरतलब है कि अगस्त में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया था। रूस से कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी लगाया गया, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि नए आदेश के बाद भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगा, हालांकि यह अमेरिका में लागू मौजूदा एमएफएन शुल्क के अतिरिक्त होगा।
शोध संस्था ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि भारत को अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते की पुनर्समीक्षा करनी चाहिए। उनके अनुसार, अब यह शुल्क भारत के कुल निर्यात के लगभग 55 प्रतिशत हिस्से पर लागू होगा, जबकि करीब 40 प्रतिशत वस्तुएं छूट के दायरे में रहेंगी।
हालांकि इस्पात, एल्युमिनियम और कुछ ऑटो कलपुर्जों पर पहले से लागू क्षेत्रीय शुल्क जारी रहेंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं किया गया है।