Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Feb, 2026 01:45 PM

देश के विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। Reserve Bank of India (RBI) द्वारा जारी ताजा डेटा के मुताबिक सिर्फ एक हफ्ते में भारत के गोल्ड रिजर्व में 14 अरब डॉलर से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसे रुपए में देखें तो...
बिजनेस डेस्कः देश के विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। Reserve Bank of India (RBI) द्वारा जारी ताजा डेटा के मुताबिक सिर्फ एक हफ्ते में भारत के गोल्ड रिजर्व में 14 अरब डॉलर से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसे रुपए में देखें तो करीब 1.28 लाख करोड़ रुपए का सोना कम हुआ है। हालांकि इसी दौरान फॉरेन करेंसी असेट्स में 7.5 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी भी हुई लेकिन गोल्ड होल्डिंग में तेज कमी के चलते कुल विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 6.7 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिली है।
RBI के आंकड़ों के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का कुल फॉरेक्स रिजर्व 6.711 अरब डॉलर घटकर 717.064 अरब डॉलर रह गया। लगातार चार हफ्तों की बढ़ोतरी के बाद यह पहली गिरावट है और इसी के साथ भंडार अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आ गया है। पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में, भंडार 14.361 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर लाइफ टाइम हाई 723.774 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया था।
गोल्ड रिजर्व में बड़ी कमी
इस सप्ताह गोल्ड रिजर्व में तेज गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक सोने का भंडार 14.208 अरब डॉलर घटकर 123.476 अरब डॉलर रह गया। पिछले सप्ताह इसमें 14.595 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी और उससे पहले चार हफ्तों तक लगातार तेजी देखने को मिली थी।
करेंसी असेट्स में बढ़ोतरी
फॉरेन करेंसी असेट्स, जो विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होते हैं, 7.661 अरब डॉलर बढ़कर 570.053 अरब डॉलर हो गए। इसमें यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का असर शामिल होता है।
SDR और IMF होल्डिंग भी घटी
रिपोर्टिंग सप्ताह में भारत के विशेष आहरण अधिकार (SDR) 132 मिलियन डॉलर घटकर 18.821 अरब डॉलर रह गए। वहीं IMF में भारत की आरक्षित स्थिति भी 32 मिलियन डॉलर घटकर 4.715 अरब डॉलर पर आ गई।
पहले बना था रिकॉर्ड हाई
पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14.361 अरब डॉलर बढ़कर 723.774 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। इससे पहले लगातार चार हफ्तों में कुल 36.97 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।