गेहूं खरीद 17 प्रतिशत बढ़कर 3.5 करोड़ टन के पार, तय लक्ष्य से अधिक

Edited By Updated: 03 Jun, 2026 05:16 PM

wheat procurement rises 17 to cross 35 million tonnes

सरकार की गेहूं खरीद 2026-27 के रबी विपणन सत्र में 17 प्रतिशत बढ़कर 3.5 करोड़ टन से अधिक हो गई है। यह 3.45 करोड़ टन के तय लक्ष्य और पिछले वर्ष के तीन करोड़ टन के स्तर दोनों से अधिक है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।...

नई दिल्लीः सरकार की गेहूं खरीद 2026-27 के रबी विपणन सत्र में 17 प्रतिशत बढ़कर 3.5 करोड़ टन से अधिक हो गई है। यह 3.45 करोड़ टन के तय लक्ष्य और पिछले वर्ष के तीन करोड़ टन के स्तर दोनों से अधिक है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा, ''इस सत्र में अब तक गेहूं खरीद 3.5 करोड़ टन से अधिक हो चुकी है। हमने लक्ष्य पार कर लिया है। प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीद पूरी हो गई है।'' 

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य एजेंसियां, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करती हैं। उच्च खरीद को मंडियों में एमएसपी से कम दामों और 12.065 करोड़ टन के मजबूत घरेलू उत्पादन से मदद मिली, जो बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से स्थानीय स्तर पर हुई फसल क्षति के बावजूद बना रहा।

राज्यवार आंकड़ों में पंजाब 1.21 करोड़ टन के साथ शीर्ष पर रहा, जो पिछले सत्र के 1.19 करोड़ टन से अधिक है। मध्य प्रदेश में खरीद 78 लाख टन से बढ़कर 1.04 करोड़ टन हो गई, जबकि हरियाणा में यह 70 लाख टन से बढ़कर 81 लाख टन पहुंच गई। उत्तर प्रदेश में खरीद 10 लाख टन से लगभग दोगुनी होकर 17 लाख टन हो गई, जबकि राजस्थान में यह 19 लाख टन से बढ़कर 24 लाख टन हो गई। गेहूं खरीद सत्र अप्रैल से मार्च तक चलता है। हालांकि अधिकतर खरीद शुरुआती कुछ महीनों में ही हो जाती है। 

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