Edited By jyoti choudhary,Updated: 13 Apr, 2026 04:02 PM

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच World Bank के अध्यक्ष अजय बंगा (Ajay Banga) ने एक बड़े और लंबे समय तक असर डालने वाले रोजगार संकट को लेकर चेतावनी दी है।
बिजनेस डेस्कः वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच World Bank ने एक ऐसे खतरे की चेतावनी दी है, जो आने वाले समय में करोड़ों लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाल सकता है। World Bank के अध्यक्ष अजय बंगा (Ajay Banga) के मुताबिक, दुनिया एक बड़े रोजगार संकट की ओर बढ़ रही है, जहां कामकाजी उम्र की आबादी तेजी से बढ़ेगी लेकिन उसके मुकाबले नौकरियां पैदा नहीं हो पाएंगी। अगर समय रहते इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर न सिर्फ अर्थव्यवस्था पर बल्कि वैश्विक स्थिरता और सामाजिक संतुलन पर भी पड़ेगा।
अजय बंगा के मुताबिक, अगले 10 से 15 वर्षों में विकासशील देशों में करीब 1.2 अरब लोग कामकाजी उम्र में पहुंचेंगे लेकिन मौजूदा हालात में केवल 40 करोड़ नई नौकरियां ही पैदा हो पाएंगी। इसका मतलब है कि दुनिया को करीब 80 करोड़ नौकरियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माता अक्सर अल्पकालिक संकटों—जैसे पश्चिम एशिया के संघर्ष—में उलझ जाते हैं, जबकि रोजगार जैसी दीर्घकालिक चुनौतियां लगातार गंभीर होती जा रही हैं।
रोजगार और असमानता का बढ़ता खतरा
अजय बंगा ने चेताया कि अगर समय रहते रोजगार के अवसर नहीं बढ़ाए गए, तो इससे अवैध प्रवासन (Illegal Migration) और वैश्विक अस्थिरता में तेजी आ सकती है। उन्होंने United Nations के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2025 में दुनिया भर में 11.7 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारों को सिर्फ तात्कालिक संकटों पर नहीं, बल्कि रोजगार, स्वच्छ पानी, और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों पर भी समान ध्यान देना होगा।
सुधार और निवेश पर जोर
World Bank विकासशील देशों में निवेश बढ़ाने के लिए कई सुधारों पर काम कर रहा है, जैसे:
- बिजनेस नियमों को आसान बनाना
- भूमि और श्रम कानूनों में सुधार
- लॉजिस्टिक्स मजबूत करना
- भ्रष्टाचार कम करना
साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों पर खास फोकस किया जा रहा है।
भारत और वैश्विक कंपनियों की भूमिका
अजय बंगा ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा ग्रुप और डांगोटे ग्रुप जैसी कंपनियां वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार कर रही हैं, जो रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
रोजगार के साथ-साथ विश्व बैंक का लक्ष्य 1 अरब से ज्यादा लोगों तक स्वच्छ पानी और अफ्रीका में करोड़ों लोगों तक बिजली पहुंचाने का है।