Edited By ,Updated: 31 Dec, 2015 08:54 PM

मोहाली और चंडीगढ़ एजुकेशन हब के नाम से भी जाना जाता है। जिसके चलते मोहाली में काफी पीजी हैं।
मोहाली : मोहाली और चंडीगढ़ एजुकेशन हब के नाम से भी जाना जाता है। जिसके चलते मोहाली में काफी पीजी हैं। जिसकी देखभाल के लिए गमाडा की पेइंग गेस्ट पॉलिसी सिर्फ नाम की ही है। गमाडा के पास सिर्फ पच्चीस पीजी रजिस्टर्ड हैं। जबकि शहर में 10 हज़ार से ज़्यादा पीजी चल रहे हैं। परन्तु 2015 में ही गमाडा की ओर से नई पीजी पॉलिसी बनाई गई थी। लेकिन इस पॉलिसी को न तो प्रशासन और न ही गमाडा ने लागू किया।
हालांकि पीजी चेकिंग के नाम पर हर रोज अभियान चलाया जाता है। पुलिस ने पूरे साल में सिर्फ एक दर्जन लोगों पर कार्रवाई की और बाकी को चेतावनी देकर छोड़ दिया। जबकि नियमों के तहत एफआईआर करनी बनती है। गमाडा कार्रवाई न करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
शहर के लोग भी पीजी का विरोध कर रहे है। लोगों का कहना है कि पुलिस सिर्फ नाम के लिए कार्रवाई करती है। फेज-पांच के राजेश ने कहा कि साढे़ सात मरले में पीजी चलाया जा सकता है लेकिन क्षेत्र में पांच मरले में भी पीजी चल रहे हैं। नाम के लिए ही कार्रवाई होती है और पॉलिसी भी नाम के लिए बनी है। बिना रजिस्ट्रेशन के ही लोग पीजी चला रहे है।
गमाडा की इओ राजदीप कौर ने कहा कि सिर्फ पच्चीस पीजी ही रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करना पुलिस का काम है। हमें शिकायत मिलती है तो हम जांच करते हैं। वहीं, एसएसपी जीएस भुल्लर का कहना है कि पुलिस की ओर से अभियान चलाया जाता है और कार्रवाई भी की जाती है।