घर में दो गाडिय़ां पार्क करनी जरूरी, दो गेट के प्रावधान के साथ पॉलिसी अप्रूव

Edited By Updated: 26 Jul, 2019 10:18 AM

policy approvals

चंडीगढ़ प्रशासन ने पिछले काफी लंबे समय से अटकी ड्राफ्ट पार्किंग पॉलिसी को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।

चंडीगढ़(राजिंद्र शर्मा): चंडीगढ़ प्रशासन ने पिछले काफी लंबे समय से अटकी ड्राफ्ट पार्किंग पॉलिसी को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। वीरवार को यू.टी. एडवाइजर की अध्यक्षता में एक हाई लैवल मीटिंग हुई। मीटिंग में चर्चा पूरी कर ली गई है। पॉलिसी में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसमें जिन लोगों के पास ज्यादा गाडिय़ां हैं, उन्हें घर के अंदर कम से कम दो गाडिय़ां पार्क करना जरूरी होगा। इसके लिए लोग घरों में दो गेट्स का प्रावधान भी कर सकते हैं। 

साथ ही सुबह-शाम ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए जीरकपुर, पंचकूला और मोहाली से चंडीगढ़ आने-जाने के लिए बेहतर बस सर्विस शुरू करने का भी प्रावधान किया गया है। अब इस पॉलिसी को लीगल राय के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद ही फाइनल अप्रूवल के लिए यू.टी. प्रशासक के पास भेज दिया जाएगा। उनकी अप्रूवल मिलते ही इसकी नोटीफिकेशन जारी कर दी जाएगी। मीटिंग में अर्बन प्लानिंग, इंजीनियरिंग, आर्कीटैक्ट, नगर निगम और ट्रांसपोर्ट से सभी संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।

बाऊंड्री वॉल बढ़ाने की भी परमिशन 
सैक्रेटरी ट्रांसपोर्ट अजय कुमार सिंगला ने बताया कि इस संबंध में एक मीटिंग हुई थी। पॉलिसी में कुछ बदलाव किए गए हैं। लोगों के सुझाव और आब्जैक्शन पर उन्होंने डिस्क्शन कंप्लीट कर ली है। फाइनल नोटीफिकेशन के लिए इसे यू.टी. प्रशासक के पास ही भेजा जाएगा। अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट की ओर से पार्किंग पॉलिसी फाइनल की गई थी लेकिन अब अन्य डिपार्टमैंट्स से चर्चा के बाद ही इसमें ये बदलाव किए गए। इसके अलावा बाऊंड्री वॉल को आगे बढ़ाने की भी इसमें परमिशन दी गई। वहीं, कंजेस्शन पार्किंग और घरों में पार्किंग के जरूरी सर्टीफिकेट की शर्त को पॉलिसी से हटा दिया गया। कहा गया है कि ये शहर के लिए उपयुक्त नहीं है। 

अधिकतर ने किया था विरोध   
अधिकतर लोगों ने ड्राफ्ट पार्किंग पॉलिसी को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी कि ये पॉलिसी शहर के लिए सही नहीं है। प्रशासन ने आपत्तियां और सुझाव मांगे थे और पिछले वर्ष 28 फरवरी लास्ट डेट तय की गई थी। प्रशासन के पास 160 आपत्तियां आईं, जिसमें से अधिकतर लोगों ने 10 लाख और उससे अधिक कीमत की कार खरीदने पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स लगाने के प्रस्ताव का विरोध किया था। अधिकतर लोगों के सुझाव थे कि पार्किंग समस्या को खत्म करने के लिए रैजीडैंशियल एरिया में मल्टीलैवल पार्किंग का निर्माण करवाया जाना चाहिए। लोगों ने मैट्रो प्रोजैक्ट को शहर की जरूरत बताया था।

 वर्ष 2017 में ट्रैफिक और पार्किंग समस्या को कम करने के लिए अर्बन प्लानिंग डिपार्टमैंट ने ड्राफ्ट पार्किंग पॉलिसी फाइनल की थी और इसके बाद ही लोगों के सुझाव मांगे गए थे। लेकिन लोगों के विरोध के बाद ही ये पॉलिसी लटक गई थी। 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों ने भी अलग बस सर्विस शुरू करने पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही अपने कर्मचारियों को ट्रैवल अलाऊंस दे रहे हैं। कई लोगों ने ये भी सुझाव दिया कि रोड साइड और नो पार्किंग में अन्य जगहों पर वाहन पार्क करने पर एक हजार रुपए जुर्माने को बढ़ाया जाना चाहिए।

ये है खास  
ड्राफ्ट पार्किंग पॉलिसी में जिन कंपनी में 50 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन्हें कर्मचारियों के पिक एंड ड्रॉप की सुविधा के लिए बस सर्विस शुरू करनी होगी। ऐसी कंपनियों के बाहर अगर कोई गाड़ी पार्क मिली तो उन पर प्रति कार एक हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। पॉलिसी में सैक्टर-17, 22, 35, इंडस्ट्रीयल एरिया फेज-1 और 2 जहां पर पार्किंग के लिए अधिक मारामारी रहती है, वहां पर भी पार्किंग के अधिक रेट वसूलने की सिफारिश की गई थी। घरों में पार्किंग के लिए और स्पेस बनाने के लिए मरला हाऊसेज में दीवार हटाने की भी सुविधा दी गई थी। 

पॉलिसी में शहरवासियों को ये भी सुविधा दी गई है कि वह रैंटल बेसिस पर कर्मिशयल और इंस्टीच्यूशनल की पार्किंग को रात के समय इस्तेमाल कर सकेंगे, जिन्हें रैजीडैंट वैल्फेयर एसोसिएशन मैंटेन करेंगी। इसके साथ ही जो लोग 10 लाख रुपए और उससे अधिक कीमत की कार खरीदेंगे, उन्हें 50 प्रतिशत रोड टैक्स के रूप में चुकाने होंगे।

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