Edited By Ajay Chandigarh,Updated: 29 Mar, 2023 08:07 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय सरकारों अर्थात नगर निकायों को पूर्ण स्वायत्तता देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि स्थानीय स्तर पर होने वाले कार्य समयबद्ध तरीके से और त्वरित ढंग से हो सकें। विकास कार्यों के लिए निकायों को...
चंडीगढ़,(बंसल): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय सरकारों अर्थात नगर निकायों को पूर्ण स्वायत्तता देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि स्थानीय स्तर पर होने वाले कार्य समयबद्ध तरीके से और त्वरित ढंग से हो सकें। विकास कार्यों के लिए निकायों को को पैसा दिया जाएगा। वर्ष 2022-23 के राज्य के अपने कर राजस्व (एस.ओ.टी. आर.) लगभग 65 हजार करोड़ रुपए में से लगभग 3600 करोड़ रुपए नगर निकायों को दिए जाएंगे। इसके अलावा पिछला बकाया 500 करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस प्रकार 4100 करोड़ रुपए नगर निकायों को मिलेंगे, जिससे वे अपने स्तर पर विकास कार्य करवा पाएंगे। इसके अलावा, सभी निकायों में कुल मिलाकर 5 हजार करोड़ रुपए की राशि पहले से ही उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री आज नगर निगमों के महापौरों और जिला नगर आयुक्तों के साथ शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता भी बैठक में उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने नरवाना के एक्स.ई.एन. एल.सी. चौहान को तुरंत प्रभाव से सस्पैंड करने के आदेश दिए।
-नगर निगम, परिषद व पालिकाओं के कार्यालय भवन बनाने का खर्च सरकार उठाएगी
मुख्यमंत्री ने बैठक में घोषणा करते हुए कहा कि नगर निगम, नगर परिषद व नगरपालिकाओं के कार्यालय भवन बनाने का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। भवन के लिए यदि कहीं जमीन खरीदने की या किसी विभाग से हस्तांतरित करने की भी आवश्यकता है तो उसका खर्च भी राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई निकाय अपनी जमीन पर कोई भवन बनाकर वाणिज्यिक गतिविधियां करना चाहती है, तो कर सकती है। इससे निकायों को अतिरिक्त आय होगी और यह पैसा जनता के हित में काम आएगा। इसके लिए इस प्रकार के प्रोजैक्ट ऋण लेकर या पी.पी.पी. मोड पर संचालित करें।
-निकायों में रिस्ट्रक्चरिंग तथा राशनलाइजेशन के लिए गठित की जाएगी राज्य स्तरीय कमेटी
मनोहर लाल ने नगर निकायों में रिस्ट्रक्चरिंग तथा राशनलाइजेशन के लिए राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए, जो निकायों का दौरा कर रिस्ट्रक्चरिंग तथा राशनलाइजेशन का पूरा अध्ययन करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी नगर निकायों में संपत्तियों की नीलामी के लिए एक कॉमन पोर्टल बनाया जाए। यदि किसी कारणवश बिङ्क्षडग असफल होती है तो एक माह के अंदर-अंदर पुन: बिङ्क्षडग हो, इसकी जिम्मेदारी जिला नगर आयुक्त की होगी।
-जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की समयसीमा 21 से बढ़ाकर 30 दिन करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की समयसीमा को 21 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने के निर्देश दिए। तत्पश्चात विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का प्रावधान किया जाए। इसके अलावा, निकाय स्तर पर कुछ अन्य सेवाओं के लिए भी मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि जब कोई नागरिक किसी सेवा के लिए आवेदन करने आए तो एक ही बार में उसके दस्तावेज चैक किए जाएं, ताकि उन्हें बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। आवेदन मंजूर हुआ है या कैंसिल किया गया है, इसका स्टेटस भी ऑटो अपील सॉफ्टवेयर में दर्ज करें, ताकि कैंसिल होने पर अपील स्वत: ही अगले अधिकारी तक चली जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि नई अवैध कालोनियों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं किया जाएगा। पहले से बनी कालोनियों, जिनमें कुछ हिस्से या पैच को अनियमित दिखाया हुआ है, उन्हें तय मानदंड अनुसार नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही सरकार ने 190 कालोनियों को अप्रूव किया है। इसके अलावा, लगभग 600-700 कालोनियां पाइपलाइन में हैं।
-मेयर जनता दरबार लगाकर सुनें लोगों की समस्याएं
मनोहर लाल ने कहा कि जनता हमारे लिए सब कुछ है, इसलिए मेयर जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं व शिकायतों को सुनें और जनता दरबार में जिला नगर आयुक्त भी मौजूद रहें। उन्होंने जिला नगर आयुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने निकायों को स्वायत्तता प्रदान करते हुए सिस्टम बनाया है कि सभी कार्यों के लिए फाइलें मुख्यालय स्तर तक न आए, बल्कि निकाय स्तर पर ही सारे कार्य हो जाएं। लेकिन जिला नगर आयुक्त के स्तर पर भी फाइलें देरी से निकलती हैं, इसलिए सभी अधिकारी फाइलों को त्वरित निष्पादन करें।
-आगामी 2 अप्रैल से भिवानी से शुरू होंगे फील्ड दौरे
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 2 चरणों में बैठक हुई है। पहले चरण में मेयर के साथ स्थानीय मुद्दों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। दूसरे चरण में अधिकारियों के साथ भी इन विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल से फील्ड में जाने का कार्यक्रम तय किया है। कोरोना के कारण फील्ड कार्य रुक गए थे, इसलिए अब जनता के बीच जाने के कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पहला फील्ड दौरा 2 से 4 अप्रैल तक भिवानी में तय किया गया है।
-किसानों की सुविधा के लिए ई-फसल क्षतिपूॢत पोर्टल दोबारा खोला
मनोहर लाल ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि ई-फसल क्षतिपूॢत पोर्टल पर वही किसान अपनी फसल के नुकसान का ब्यौरा दर्ज कर सकते थे, जिन्होंने पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण किया हो। कुछ किसानों से यह शिकायत प्राप्त हुई थी कि उन्होंने पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल अपना पंजीकरण नहीं किया हुआ है और अब इस कारण वे क्षतिपूॢत पोर्टल पर भी फसल खराबे की जानकारी दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे किसानों की शिकायत पर संज्ञान लेकर अब सरकार ने पोर्टल को दोबारा खोल दिया है। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए सैस का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने के मामले पर उन्होंने कहा कि यह मामला कोर्ट का है और मर्यादा तोड़ कर काम करने का नतीजा भुगतना पड़ता है।