जी.एम.सी.एच. व रामदरबार में इमरजैंसी से ई.एम.ओ. गायब

Edited By Updated: 14 Sep, 2021 01:22 AM

strict action will be taken if mistake is found

‘एक फोन पर बिजी मिली, दूसरी सो रही थी’ सैके्रटरी हैल्थ बोले - अभी फिलहाल कार्रवाई नहीं, अगली बार चूक सामने आई तो होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़, (राजिंद्र शर्मा) : सैके्रटरी हैल्थ यशपाल गर्ग ने 12 और 13 सितम्बर की रात के दौरान शहर के सभी अस्पतालों की चैकिंग की और वहां सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि जी.एम.सी.एच.-32 में सुपरवाइजर का सिक्योरिटी गार्ड बीरेंद्र सिंह मोबाइल फोन में व्यस्त था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह इमरजैंसी में आने व जाने वाले लोगों की कोई परवाह नहीं कर रहा। इमरजैंसी मैडीकल अफसर (ई.एम.ओ.) डॉ. मोनिका इमरजैंसी में मौजूद नहीं थी और वह पास के एक कमरे में मोबाइल पर बिजी थी।
रामदरबार के ई.एस.आई. अस्पताल में ई.एम.ओ. डॉ. आकांक्षा साथ लगते कमरे में सो रही थी।

 

जब सैके्रटरी हैल्थ ने अपनी पहचान बताई तो स्टाफ ने उन्हें इमरजैंसी में बुलाया। चैकिंग के बाद सैके्रटरी हैल्थ गर्ग ने कहा कि पहली सरप्राइज चैकिंग होने के चलते इसके नोट के आधार पर अभी फिलहाल अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि इसे ढील के तौर पर न लिया जाए, क्योंकि आगे भी सरप्राइज चैकिंग जारी रहेगी और लापरवाही व चूक पर अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।


रात को सीनियर डॉक्टर और कंसल्टैंट नियुक्त करने पर विचार करने को कहा

सैक्रटरी हैल्थ ने निर्देश दिए कि इमरजैंसी मैडीकल अफसर को कमरों में होने की जगह इमरजैंसी में मौजूद होना चाहिए। जी.एम.सी.एच.-32 और जी.एम.एस.एच.-16 में रात के समय सीनियर डॉक्टर और कंसल्टैंट नियुक्त करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। हमें पी.जी.आई. व देश के अन्य चिकित्सा संस्थानों के नाइट डयूटी रोस्टर का पता लगाना चाहिए।

 


कहा-डॉक्टर कहीं गए हैं और गपशप में बिजी हो गए
चैकिंग के दौरान जी.एम.सी.एच.-32 में सामने आया कि इमरजैंसी में अटैंडैंट ओम प्रकाश एक पुलिसकर्मी समेत 5-6 लोग साथ मौजूद थे। किसी ने भी मास्क नहीं पहना था और ये गपशप करने और चुटकले सुनाने में व्यस्त थे। सैके्रटरी हैल्थ ने एक मिनट उनके सामने खड़े होकर पूछा कि क्या वह ई.एम.ओ. है, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि डॉक्टर कहीं गए हुए हैं और वह फिर से गपशप में व्यस्त हो गए, जिसके बाद ही उन्होंने अपनी पहचान बताई और ई.एम.ओ. को बुलाने के लिए कहा। वह उसके साथ पास वाले कमरे में गए, जहां पर ई.एम.ओ. मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही थी। वह इमरजैंसी में आ गई और जवाब दिया कि वह 2 मिनट पहले ही यहां से गई थी। इसके बाद उन्होंने आक्सीजन प्लांट का भी दौरा किया।

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