Edited By Niyati Bhandari,Updated: 13 Apr, 2026 08:12 AM

Aaj Ka Panchang दैनिक पंचांग 13 अप्रैल 2026, सोमवार: 13 अप्रैल 2026 का दिन हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का महत्वपूर्ण दिन है। यह तिथि मध्य रात्रि 1:09 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। यह दिन...
Aaj Ka Panchang दैनिक पंचांग 13 अप्रैल 2026, सोमवार: 13 अप्रैल 2026 का दिन हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का महत्वपूर्ण दिन है। यह तिथि मध्य रात्रि 1:09 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायक माना गया है।
सूर्योदय, सूर्यास्त एवं काल विशेष
इस दिन सूर्योदय प्रातः 6:06 बजे तथा सूर्यास्त सायं 6:51 बजे (जालंधर समयानुसार) होगा। राहु काल प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए वर्जित माना जाता है। दिशा शूल पूर्व एवं ईशान दिशा में है, अतः इन दिशाओं में यात्रा करने से बचना चाहिए।
नक्षत्र, योग एवं चंद्र स्थिति
आज दिन की शुरुआत धनिष्ठा नक्षत्र के साथ होगी, जो सायं 4:04 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग की बात करें तो शुभ योग सायं 5:17 बजे तक रहेगा, उसके बाद शुक्ल योग का आरंभ होगा। चंद्रमा पूरे दिन और रात कुंभ राशि में स्थित रहेगा, जिससे मानसिक चंचलता और विचारों में नवीनता का संचार होता है। साथ ही, पंचक पूरे दिन-रात प्रभावी रहेगा, जिसे कुछ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है।

ग्रहों की स्थिति
इस दिन ग्रहों की स्थिति अत्यंत रोचक है। सूर्य, मंगल, बुध और शनि मीन राशि में स्थित हैं, जो आध्यात्मिकता और अंतर्मुखता को बढ़ाते हैं। चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में हैं, जो नवीन सोच और अचानक परिवर्तन का संकेत देते हैं। गुरु मिथुन में स्थित होकर ज्ञान और संवाद को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जबकि शुक्र मेष राशि में रहकर उत्साह और संबंधों में ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। केतु सिंह राशि में स्थित है, जो आत्मचिंतन की ओर प्रेरित करता है।
व्रत, पर्व एवं विशेष महत्व
यह दिन वरूथिनी एकादशी व्रत के लिए समर्पित है, जो भगवान विष्णु को प्रसन्न करने हेतु रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, यह दिन श्री वल्लभाचार्य जी की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जो भक्ति आंदोलन के महान संत और पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक थे।
धार्मिक महत्त्व
एकादशी का दिन आत्मशुद्धि, उपवास और भगवान के स्मरण के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दिन विशेष रूप से सात्विक आहार, जप, ध्यान और दान का महत्व होता है। पंचक के कारण कुछ कार्य जैसे गृह निर्माण, लकड़ी संग्रह आदि टालने की सलाह दी जाती है।
इस प्रकार, 13 अप्रैल 2026 का दिन आध्यात्मिक उन्नति, व्रत-उपवास और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत शुभ एवं फलदायी है।
