Edited By Parveen Kumar,Updated: 28 May, 2026 08:19 PM

दिल्ली में बारिश के कारण कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद बृहस्पतिवार को लोगों को राहत मिली। राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी देखने को मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी...
नेशनल डेस्क : दिल्ली में बारिश के कारण कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद बृहस्पतिवार को लोगों को राहत मिली। राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी देखने को मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने शहर के कई स्थानों पर बिजली गिरने, धूलभरी आंधी और छिटपुट ओलावृष्टि के साथ मध्यम से गंभीर गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। आईएमडी ने कहा कि इस दौरान हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग ने कहा कि गरज-चमक के साथ बारिश का यह दौर 31 मई तक जारी रहने की उम्मीद है। मौसम में यह बदलाव कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद आया है। पिछले दिनों दिल्ली के कई केंद्रों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया था। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को शहर भर में अधिकतम तापमान पिछले दिन की तुलना में लगभग तीन से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा।
आईएमडी ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। स्काईमेट वेदर के महेश पालावत ने कहा, ''राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में पहले ही गरज के साथ बारिश शुरू हो चुकी है और शाम तक इस मौसम प्रणाली के दिल्ली तक पहुंचने और रात भर जारी रहने की संभावना है।'' उन्होंने कहा कि शुक्रवार को तूफान की तीव्रता बढ़ने की संभावना है और यह सिलसिला 30 मई तक जारी रहने के आसार हैं। इसके बाद मौसम प्रणाली के 30 और 31 मई के बीच गुजरात की ओर बढ़ने की संभावना है।
पालावत ने कहा, ''मानसून पूर्व वर्षा के इस दौर के दिल्ली में इस महीने की शुरुआत में और अप्रैल में हुई मानसून पूर्व वर्षा से अधिक तीव्र रहने की संभावना है, जिससे पूरे शहर में व्यापक वर्षा होगी।'' उन्होंने मौसम में आए इन बदलावों का कारण पर्वतों के ऊपर मौजूद पश्चिमी विक्षोभ, राजस्थान और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं को बताया, जिनसे शहर में नमी का स्तर बढ़ गया है।