Edited By Sarita Thapa,Updated: 10 Jul, 2026 11:54 AM

प्रसंग उस समय का है जब अब्राहम लिंकन अमरीका के राष्ट्रपति बन चुके थे। हर जगह उनकी चर्चा होती थी कि एक गरीब परिवार का बेटा, अपने संघर्षों से लड़कर, शिक्षा की बदौलत राष्ट्रपति बन गया।
Abraham Lincoln Story : प्रसंग उस समय का है जब अब्राहम लिंकन अमरीका के राष्ट्रपति बन चुके थे। हर जगह उनकी चर्चा होती थी कि एक गरीब परिवार का बेटा, अपने संघर्षों से लड़कर, शिक्षा की बदौलत राष्ट्रपति बन गया। वह जिधर से गुजरते, लोग उनके सम्मान में खड़े हो जाते थे और अभिवादन करते थे।
एक बार लिंकन अपनी पत्नी के साथ कहीं जा रहे थे। रास्ते में उन्हें कई लोग मिले और सभी ने उनका अभिवादन किया। कुछ लोगों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताईं और उनका समाधान करने का निवेदन किया। उनकी गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ी जा रही थी और लोगों से उनका मिलना-जुलना हो रहा था। कुछ दूर आगे जाने पर रास्ते में एक वृद्ध किसान दिखा। उस किसान ने अपने कंधों पर फसल का भारी गट्ठर लाद रखा था और वह पसीने-पसीने होता झुकी कमर लिए चला जा रहा था।

किसान ने अपने सामने से गुजर रहे लिंकन और उनकी पत्नी का अभिवादन नहीं किया। यहां तक कि उनकी तरफ देखा भी नहीं और आगे बढ़ गया। लिंकन की पत्नी को यह व्यवहार ठीक नहीं लगा। उन्होंने थोड़ी नाराजगी जताते हुए लिंकन से कहा, ‘‘कितना असभ्य किसान है, इसने हमारा अभिवादन तक नहीं किया। क्या उसे पता नहीं कि वह जिस देश में रहता है, उसका राष्ट्रपति उसके सामने है?’’
लिंकन थोड़ी देर तक चुप रहे, फिर उन्होंने पत्नी से कहा, ‘‘उस वृद्ध किसान से सम्मान पाने के हकदार हम नहीं, इसका असली हकदार तो वह किसान ही है जो कड़े परिश्रम से खेतों में अनाज उपजाता है, जिससे हमें भोजन मिलता है।’’ लिंकन की बात सुनकर उनकी पत्नी को तत्काल अपनी भूल का अहसास हो गया। इसके बाद दोनों लौटकर उस किसान के पास आए और सम्मान देकर उसका अभिवादन किया।

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