Edited By Sarita Thapa,Updated: 19 Mar, 2026 03:16 PM

हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्द्धकुंभ 2027 को लेकर भारतीय रेलवे ने अभी से अपनी तैयारियों को सुपरफास्ट मोड में डाल दिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए रेलवे ने एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधा प्लान तैयार किया है।
Ardh Kumbh 2027: हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्द्धकुंभ 2027 को लेकर भारतीय रेलवे ने अभी से अपनी तैयारियों को सुपरफास्ट मोड में डाल दिया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए रेलवे ने एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधा प्लान तैयार किया है। रेलवे ने सभी बड़े प्रोजेक्ट्स को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
स्टेशन का कायाकल्प और भारी निवेश
रेलवे प्रशासन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर लगभग ₹460 करोड़ खर्च करने जा रहा है। इस योजना के तहत स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसमें Waiting Halls, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और डिजिटल साइनेज शामिल हैं। भीड़ के दबाव को कम करने के लिए प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ाई जाएगी और यार्ड का नवीनीकरण किया जाएगा।
होल्डिंग एरिया: 10,000 यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम
भीड़ प्रबंधन को रेलवे ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। हरिद्वार, मोतीचूर और ज्वालापुर स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता 10,000 यात्रियों की होगी। यहां यात्रियों के लिए बैठने, पीने के पानी, शौचालय और खान-पान की बेहतरीन व्यवस्था होगी, ताकि मुख्य प्लेटफार्म पर दबाव न बढ़े।
स्पेशल ट्रेनों का संचालन
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए अर्द्धकुंभ के दौरान 100 जोड़ी से अधिक विशेष ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है।
ये ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों से सीधे हरिद्वार और योग नगरी ऋषिकेश को जोड़ेंगी।
हर्रावाला स्टेशन के प्लेटफार्म की लंबाई भी बढ़ाई जा रही है ताकि लंबी दूरी की ट्रेनें वहां रुक सकें।
सुरक्षा और तकनीक का संगम
भीड़ पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों का उपयोग किया जाएगा।
RPF और GRP के हजारों अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी।
काली मंदिर सुरंग के पास भूस्खलन रोकने के लिए 50 मीटर लंबी आरसीसी दीवार बनाई जा रही है ताकि रेल यातायात बाधित न हो।
दिव्यांग और बुजुर्गों का खास ख्याल
स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, रैंप और ब्रेल साइन बोर्ड जैसी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी ताकि हर श्रद्धालु को गंगा दर्शन में आसानी हो।
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