Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Jun, 2026 12:40 PM

हिंदू धर्म में महेश नवमी का दिन बहुत खास और शुभ माना जाता है। महेश नवमी का पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है।
Mahesh Navami 2026 : हिंदू धर्म में महेश नवमी का दिन बहुत खास और शुभ माना जाता है। महेश नवमी का पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से शिव जी और माता पार्वती की पूजा करने और व्रत रखने से मन की हर मुराद पूरी होती है और जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है। साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं महेश नवमी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
महेश नवमी का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार वह पावन तिथि इस साल 22 जून 2026, सोमवार को सायंकाल 03 बजकर 39 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 23 जून 2026, मंगलवार की शाम को 04 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर महेश नवमी का पावन पर्व 23 जून 2026 को मनाया जाएगा।

महेश नवमी पूजा विधि
महेश नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करनमे के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।
अब एक चौकी लाल कपड़ा बिछाकर शिव जी और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल अर्पित करने के बाद चंदन, पुष्प, फल, फूल, भस्म, रुद्राक्ष, धतूरा और बिल्वपत्र चढ़ाएं।
उसके बाद देवों के देव महादेव का ध्यान करते हुए उनके नामों और मंत्रों का जाप करें।
अंत में उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं और उनकी आरती करें।

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