Budhwa Mangal 2026: बड़े मंगलवार पर हनुमान पूजा के ये गुप्त नियम बदल देंगे आपका भाग्य, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Edited By Updated: 05 May, 2026 01:01 AM

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Budhwa Mangal 2026: जानें, बड़े मंगलवार पर हनुमान जी की पूजा के वे नियम जिनसे तुरंत मिलता है फल। सावधानियों के बारे में विस्तार से पढ़ें।

Hanuman Ji Rules: हिंदू धर्म में हनुमान जी को संकटमोचन माना गया है, जिनके स्मरण मात्र से जीवन के बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी की विशेष पूजा के लिए बड़े मंगलवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आप भी बजरंगबली की कृपा पाना चाहते हैं तो पूजा करते समय इन विशेष बातों का ध्यान अवश्य रखें:

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Rules for Hanuman Puja on Bade Mangalwar बड़े मंगलवार पर हनुमान जी की पूजा के नियम
हनुमान चालीसा पाठ का सही नियम:  हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल मार्ग 'हनुमान चालीसा' है। भक्तों को चाहिए कि वे गोस्वामी तुलसीदास कृत हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें। पाठ शुरू करने से पहले 'रामरक्षास्तोत्रम्' का पाठ करना अनिवार्य माना गया है। यदि आप एक समय में 108 पाठ नहीं कर सकते, तो इसे दो चरणों में भी पूरा किया जा सकता है।

पूजा की दिशा और सिंदूर का महत्व:  हनुमान जी की साधना हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही शुरू करनी चाहिए। उनकी प्रतिमा पर तेल और सिंदूर चढ़ाना अत्यंत शुभ होता है। सिंदूर लगाने से पहले मूर्ति को जल या पंचामृत से स्नान कराना चाहिए और फिर सिंदूर में तेल मिलाकर लगाना चाहिए।

हनुमान जी का प्रिय पुष्प और भोग:  बजरंगबली को लाल रंग के फूल अत्यंत प्रिय हैं। पूजा में गुलाब या गेंदा जैसे पुरुषवाचक फूलों का ही उपयोग करना चाहिए। भोग के रूप में आप शुद्ध घी से बने लड्डू, चना, गुड़, केला या अमरूद अर्पित कर सकते हैं।

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Precautions During Hanuman Puja on Bada Mangalwar बड़े मंगलवार पर हनुमान जी की पूजा के दौरान बरतें ये सावधानियां: हनुमान जी की पूजा में कुछ विशेष सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी हैं, अन्यथा लाभ की जगह हानि हो सकती है:

चरणामृत का निषेध: हनुमान जी की पूजा में कभी भी चरणामृत का उपयोग न करें, क्योंकि शास्त्रों में इसका विधान नहीं है।

ब्रह्मचर्य का पालन: उनकी पूजा और व्रत के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना अनिवार्य है।

शुद्धता का ध्यान: दीपक और भोग में केवल शुद्ध घी का ही प्रयोग करें और सुनिश्चित करें कि भोग पूरी तरह शुद्ध हो।

हनुमान जी की पूजा तुरंत फलदायी मानी जाती है, बस शर्त यह है कि भक्त पूरी श्रद्धा और इन नियमों के साथ उनकी शरण में जाएं।

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