Edited By Niyati Bhandari,Updated: 24 Mar, 2026 02:18 PM

Chaitra Navratri 2026 Day 7: आज चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है, जिसे महासप्तमी भी कहते हैं। इस दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। माना जाता है कि मां कालरात्रि दुर्गा मां के नौ रूपों में सबसे ज्यादा गुस्से वाली हैं। जब धरती पर पाप बढ़ जाता है, तब...
Chaitra Navratri 2026 Day 7: आज चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है, जिसे महासप्तमी भी कहते हैं। इस दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। माना जाता है कि मां कालरात्रि दुर्गा मां के नौ रूपों में सबसे ज्यादा गुस्से वाली हैं। जब धरती पर पाप बढ़ जाता है, तब वे पापियों को खत्म करने के लिए अवतार लेती हैं। उन्हें अंधकार को मिटाने वाली देवी भी कहा जाता है। जो भक्त उनकी पूजा करते हैं, उन पर मां कालरात्रि हमेशा दयालु रहती हैं और उन्हें अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता।

मां कालरात्रि की पूजा से होगा लाभ
शत्रु और विरोधियों को नियंत्रित करने के लिए इनकी उपासना शुभ होती है। इनकी उपासना से भय, दुर्घटना तथा रोगों का नाश होता है, नकारात्मक ऊर्जा का भी असर नहीं होता है। ज्योतिष में शनि नामक ग्रह को नियंत्रित करने के लिए इनकी पूजा अद्भुत परिणाम देती है।
मां कालरात्रि का प्रिय भोग
कालरात्रि को गुड़ बहुत प्रिय है। मान्यता है कि नवरात्रि के सातवें दिन की पूजा में मां को गुड़ या उससे बनी मिठाइयों का भोग लगाने से वह अत्यंत प्रसन्न होती हैं।

मां कालरात्रि का संबंध किस चक्र से है
मां कालरात्रि व्यक्ति के सर्वोच्च चक्र, सहस्त्रार को नियंत्रित करती हैं। ये चक्र व्यक्ति को अत्यंत सात्विक बनाता है और देवत्व तक ले जाता है। इस चक्र तक पहुंच जाने पर व्यक्ति स्वयं ईश्वर ही हो जाता है, इस चक्र पर गुरु का ध्यान किया जाता है। साथ ही, इस चक्र का कोई मंत्र नहीं होता है।
मां कालरात्रि की पूजा विधि
इस दिन मां के समक्ष घी का दीपक जलाएं, मां को लाल फूल अर्पित करें, साथ ही गुड़ का भोग लगाएं। इसके बाद मां के मंत्रों का जप करें या सप्तशती का पाठ करें फिर भोग लगाए हुए गुड़ का आधा भाग परिवार में बांटें बाकी आधा गुड़ किसी ब्राह्मण को दान कर दें। साथ ही, इस दिन काले रंग के वस्त्र धारण करके पूजा न करें।

शत्रु या विरोधियों को शांत करने के उपाय
सफेद या लाल वस्त्र धारण करके रात में मां कालरात्रि की पूजा करें। इसके बाद मां के समक्ष दीपक जलाएं, गुड़ का भोग लगाएं, 108 बार नवार्ण मंत्र पढ़ें और एक-एक लौंग चढ़ाते जाएं।
नवार्ण मंत्र- ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
फिर अर्पित किए हुए 108 लौंग को इकट्ठा करके अग्नि में डाल दें, इससे विरोधी और शत्रु शांत होंगे।

मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के उपाय
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। सबसे पहले मां कालरात्रि के समक्ष दीप जलाएं और अक्षत, रोली, फूल, फल आदि का मंत्रोच्चारण करते हुए अर्पित करें। मां कालरात्रि को लाल रंग के फूल विशेष रूप से पसंद हैं इसलिए पूजा में गुड़हल या गुलाब के फूल अर्पित करें। इसके बाद दीपक और कपूर जलाकर मां कालरात्रि की आरती करें और लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें। अंत में मां कालरात्रि को गुड़ का भोग अर्पित करें और गुड़ का दान भी करें। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
आचार्य पंडित सुधांशु तिवारी
प्रश्न कुण्डली विशेषज्ञ/ ज्योतिषाचार्य
9005804317
