Edited By Niyati Bhandari,Updated: 25 Mar, 2026 10:40 AM

Chaitra Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरुपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि महागौरी को समर्पित है। इस दिन महागौरी भगवान शिव की अर्घांगिनी के रुप में भगवान शिव के साथ विराजमान रहती हैं। यही वजह है कि...
Chaitra Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरुपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि महागौरी को समर्पित है। इस दिन महागौरी भगवान शिव की अर्घांगिनी के रुप में भगवान शिव के साथ विराजमान रहती हैं। यही वजह है कि महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा विधि-विधान से की जाती है। इसके साथ ही महाअष्टमी के दिन हवन और कन्या पूजन का भी विधान है।

मां महागौरी का कैसा है स्वरूप
देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां महागौरी श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और उनका रंग भी गोरा है। वे चार भुजाओं वाली हैं और उन्हें श्वेतांबरधरा भी कहा जाता है। कहा जाता है कि मां महागौरी अन्नपूर्णा का स्वरूप हैं, जो अपने भक्तों को अन्न और समृद्धि प्रदान करती हैं। उनका रूप उज्जवल, कोमल और अत्यंत शांतिदायक है। उनके हाथों में त्रिशूल, डमरु, अभयमुद्रा और वरमुद्रा होती है।
मां महागौरी को प्रिय भोग
मां महागौरी को नारियल से बनी मिठाइयां अत्यंत प्रिय हैं। इसके अलावा उन्हें हलवा और काले चने का भोग भी अर्पित किया जाता है।
मां महागौरी के मंत्र
श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥
या देवी सर्वभूतेषु मां महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
माता महागौरी को पसंद है ये फूल
मां महागौरी का सबसे पसंदीदा पुष्प रात की रानी है। राहु दोष से मुक्ति पाने के लिए मां महागौरी की पूजा की जाती है। माता को नारियल से बनी चीजें काफी प्रिय हैं। खीर, पूड़ी, हलवा, लड्डू और फल आदि भी मां को अर्पित करें। माता रानी की पूजा-अर्चना करें। और कन्या पूजन भी शुभ माना गया है तो आप कन्या पूजन भी करा सकते हैं।

अष्टमी तिथि को लेकर क्यों है भ्रम?
इस वर्ष अष्टमी तिथि दो दिनों तक पड़ रही है, जिसके कारण लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अष्टमी तिथि की शुरुआत- 25 मार्च 2026, दोपहर 1:50 बजे
अष्टमी तिथि का समापन- 26 मार्च 2026, सुबह 11:48 बजे
हिंदू परंपरा में उदयातिथि (सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि) को अधिक महत्व दिया जाता है। इसी आधार पर दुर्गा अष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
कन्या पूजन का महत्व
नवरात्रि की अष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इसे देवी के नौ रूपों का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि छोटी कन्याओं की पूजा करने से देवी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति तथा समृद्धि बनी रहती है।
कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त
सुबह 6:18 बजे से 7:50 बजे तक
सुबह 10:55 बजे से दोपहर 3:31 बजे तक
मां महागौरी पूजन विधि
मां महागौरी की आराधना के लिए सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। मां की प्रतिमा को गंगा जल से शुद्ध करें। इसके बाद मां को सफेद रंग के वस्त्र अर्पित करें। मान्यता है कि मां महागौरी को सफेद रंग अतिप्रिय है। इसके बाद मां को रोली, मोली, कुमकुम आदि चढ़ाएं। मां को पंच मेवा, फल व मिष्ठान के साथ काले चने का भोग लगाएं।

आचार्य पंडित सुधांशु तिवारी
प्रश्न कुण्डली विशेषज्ञ/ ज्योतिषाचार्य
9005804317