Edited By Niyati Bhandari,Updated: 07 Nov, 2026 10:59 AM

Choti Diwali Hanuman Puja: छोटी दिवाली की रात हनुमान जी की पूजा क्यों की जाती है? जानिए भगवान श्रीराम द्वारा दिए गए आशीर्वाद की पौराणिक कथा और इससे मिलने वाले बल, बुद्धि तथा मानसिक स्थिरता के लाभ।
Choti Diwali Hanuman Puja: दीपावली के पावन पर्व से ठीक एक दिन पहले यानी छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली की रात बजरंगबली की आराधना करने से भक्तों को अत्यंत शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं।

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को एक साथ कई पर्व मनाए जा रहे हैं। इस सूची में धनतेरस, यम पञ्चक प्रारम्भ, यम दीपम, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, काली चौदस, हनुमान पूजा आदि शामिल हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हनुमान जंयती का पर्व साल में दो बार पड़ता है, दोनों ही दिन पवनपुत्र हनुमान की पूजा के साथ रामायण, रामचरित मानस का अखंड पाठ, सुंदरकांड का पाठ एवं हनुमान बाहुक आदि का पाठ किया जाता है। अगर बात करें कि साल में दो बार पड़ने के पीछे के कारण की तो कहा जाता है इसका कारण है कर्क राशि से दक्षिण वासी इनका जन्मदिन चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है, जबकि कर्क राशि से उत्तरवासी हनुमान जी के जन्मोत्सव कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।

दिवाली से एक दिन पहले हनुमान पूजा क्यों की जाती है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसके पीछे मुख्य रूप से तीन प्रमुख धार्मिक कारण हैं:
पहला: जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या वापस लौटे तो उन्होंने हनुमान जी की निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें यह आशीर्वाद दिया कि दीपावली के उत्सव से ठीक पहले हनुमान जी का पूजन किया जाएगा।
दूसरा: छोटी दिवाली के दिन नकारात्मक शक्तियों के प्रबाव को शांत करने के लिए बजरंगबली की जाती है।
तीसरा: भारत के कुछ राज्यों में छोटी दिवाली के दिन ही हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

संकट टालने के महाउपाय
5 या 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से बजरंगबली की असीम कृपा की प्राप्ति होती है।
हनुमान मंदिर में बैठकर ॐ रामदूताय नम: मंत्र का 108 बार जप करने से पैसों से संबंधी परेशानियां खत्म होती हैं।
बजरंगबली के सामने सरसों के तेल के दीपक में 2 लौंग डालकर जलाएं। इस उपाय को करने से धन संबंधित सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।
इसके अलावा पवनपुत्र की मूर्ति के सामने बैठकर रामायण और श्रीराम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने से जीवन में सकारात्मकता बढ़ने लगती है।
शत्रुओं पर विजय पाने के लिए हनुमान मंदिर में गाय के घी के 5 दीपक जलाएं।
