Edited By Sarita Thapa,Updated: 08 Nov, 2026 02:04 PM

हिंदू धर्म में दीपावली का त्योहार को बहुत शुभ और खास माना जाता है। इस दिन हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ दीप जलाए जाते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा करते समय सही दिशा का ध्यान रखने से...
Diwali Puja Vastu : हिंदू धर्म में दीपावली का त्योहार को बहुत शुभ और खास माना जाता है। इस दिन हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ दीप जलाए जाते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा करते समय सही दिशा का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। यही वजह है कि दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा स्थापित करने से लेकर पूजा के दौरान बैठने की दिशा तक का खास ध्यान रखा जाता है। तो आइए जानते हैं पूजा की सही दिशा और मूर्ति स्थापना से जुड़े जरूरी वास्तु नियम के बारे में-
दिवाली पर किस दिशा में करें लक्ष्मी-गणेश की पूजा?
वास्तु शास्त्र में उत्तर और पूर्व दिशा को पूजा-पाठ के लिए शुभ माना गया है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते समय व्यक्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना अच्छा माना जाता है।
उत्तर दिशा: वास्तु मान्यता में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर से जोड़ा जाता है। इसलिए इस दिशा की ओर मुख करके पूजा करना शुभ माना जाता है।
पूर्व दिशा: पूर्व दिशा को सूर्य देव की दिशा माना जाता है। इस ओर मुख करके पूजा करने से सकारात्मकता और नई ऊर्जा का भाव जुड़ा हुआ है।

लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति किस दिशा में रखें?
दिवाली पूजन के दौरान भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं को सही स्थान पर स्थापित करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
पूजा की चौकी को घर के साफ-सुथरे और शांत स्थान पर रखें।
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं को इस तरह स्थापित करें कि पूजा करने वाले व्यक्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रहे।
परंपरा के अनुसार, मां लक्ष्मी की प्रतिमा भगवान गणेश के दाईं ओर रखी जाती है।
दोनों प्रतिमाओं के सामने पर्याप्त जगह रखें, ताकि पूजा और आरती आसानी से की जा सके।
पूजा स्थल के आसपास गंदगी, जूते-चप्पल और अनावश्यक सामान न रखें।
पूजा करते समय किस दिशा में बैठना चाहिए?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर पूजा करते समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है। इसके लिए पूजा की चौकी और आसन की व्यवस्था पहले से कर लें। कोशिश करें कि पूजा के दौरान आपका ध्यान इधर-उधर न भटके और पूरा परिवार शांत मन से आराधना में शामिल हो।

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