Edited By Niyati Bhandari,Updated: 01 Aug, 2026 02:25 PM

Sawan Somvar puja vidhi 2026: हिंदू धर्म में सावन के महीने और विशेष रूप से सावन सोमवार का अत्यधिक महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है।
Sawan Somvar puja vidhi 2026: हिंदू धर्म में सावन के महीने और विशेष रूप से सावन सोमवार का अत्यधिक महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है। यदि आप भी इस पहले सोमवार पर महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आपकी पूजा सामग्री में शिवलिंग, गंगाजल, बेलपत्र और पंचामृत जैसी पवित्र वस्तुओं का होना अनिवार्य है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि सावन के पहले सोमवार पर किस शास्त्रीय विधि से पूजन करना चाहिए, किन मंत्रों का जाप फलदायी है और पूजा के दौरान किन-किन विशेष सामग्रियों का उपयोग करना श्रेष्ठ माना गया है ताकि आपको महादेव की असीम कृपा प्राप्त हो सके।

Include these items in the worship on the first Monday of Sawan सावन के पहले सोमवार की पूजा में शामिल करें वस्तुएं:
शिवलिंग: भगवान शिव की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण वस्तु शिवलिंग है। शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पर पूजा करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। शिवलिंग के सामने पूजा करना सर्वोत्तम माना जाता है।
गंगाजल: गंगाजल का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह पवित्र और शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है। सावन के पहले सोमवार पर शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने से सभी पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
बेलपत्र: बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों में बेलपत्र को भगवान शिव की पूजा में सबसे अहम सामग्री माना गया है। बेलपत्र पर “ॐ नमः शिवाय” लिखकर अर्पित करने से पूजा का फल अधिक मिलता है।
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर: इन पांच पदार्थों का मिश्रण जो "पञ्चामृत" के नाम से जाना जाता है, भगवान शिव पर अर्पित करना चाहिए। यह मिश्रण पवित्रता और भक्ति को दर्शाता है। पञ्चामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने से विशेष पुण्य लाभ मिलता है।
कपूर और धूप: सावन के पहले सोमवार को कपूर जलाना और विशेष धूप अर्पित करना पुण्य और तात्त्विक उन्नति का प्रतीक है। कपूर से वातावरण शुद्ध होता है और यह रात्रि के समय पूजा को दिव्य बनाता है।
मूलिकाय (बघलमाल): यह एक प्रकार की जड़ी-बूटी होती है, जो विशेष रूप से शिव पूजा में प्रयुक्त होती है। इसे भगवान शिव के ध्यान में लाने से अधिक लाभ होता है।
चंदन: चंदन का तिलक करना या शिवलिंग पर चंदन अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह शीतलता और मानसिक शांति का प्रतीक है।
कमल के फूल: कमल का फूल भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करना शुभ फलदायक माना जाता है।
फल और मिठाइयां: पूजा के समय विभिन्न प्रकार के फल और मिठाइयां अर्पित करना अच्छा रहता है क्योंकि यह भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। खासकर अनार, केला, नारियल और ताजे फल अर्पित करें।

Perform the puja according to Vedic rituals on the first Monday of Sawan सावन के पहले सोमवार शास्त्रीय विधि से करें पूजा :
गंगा जल से स्नान करें: सावन सोमवार के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा जल से स्नान करना आवश्यक है, ताकि शरीर और मन दोनों शुद्ध हो सकें। स्नान करने के बाद शुद्ध वस्त्र पहनें और भगवान शिव की पूजा के लिए तैयार हो जाएं।
शिवलिंग की स्थापना: पूजा की शुरुआत शिवलिंग की स्थापना से करें। यदि घर में शिवलिंग नहीं है तो मिट्टी या अन्य पवित्र सामग्री से शिवलिंग का आकार बनाकर उसकी पूजा कर सकते हैं। ध्यान रखें कि यह स्थान स्वच्छ और शांत होना चाहिए।
शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक: सबसे पहले शिवलिंग पर पवित्र जल या गंगाजल अर्पित करें। उसके बाद पञ्चामृत (दूध, दही, घी, शहद और शकर का मिश्रण) से अभिषेक करें। फिर बेलपत्र, चंदन और फल अर्पित करें। अंत में भगवान शिव को प्रिय वस्त्र और सामग्री अर्पित करनी है।
मंत्र जाप: पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते रहें। यह मंत्र विशेष रूप से महाशिवरात्रि की पूजा में प्रभावी होता है। इसके साथ-साथ महा-मृत्युंजय मंत्र का जाप भी करें:
महा मृत्युंजय मंत्र: “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥”
दीप और कपूर जलाना: पूजा स्थल पर दीपक जलाएं और कपूर से वातावरण को शुद्ध करें। सावन के पहले सोमवार को यह बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि कपूर वातावरण को दिव्य और पवित्र बनाता है।
ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा दें: पूजा के बाद किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा दें। यह कार्य पुण्य के लिए किया जाता है।
