Sawan Shivling Puja Vidhi: सावन में ऐसे करें शिवलिंग का पूजन, महादेव की बरसेगी असीम कृपा, जानें सही विधि और जरूरी सामग्री

Edited By Updated: 30 Jul, 2026 06:57 AM

sawan shivling puja vidhi

Sawan Shivling Puja Vidhi: जानें, सावन के महीने में शिवलिंग की पूजा कैसे करें। इस लेख में शिवलिंग अभिषेक की सामग्री, सरल विधि और जरूरी नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

Sawan Shivling Puja Vidhi: सावन का पावन महीना शुरू होते ही शिवालयों में 'हर-हर महादेव' की गूंज सुनाई देने लगती है। मान्यताओं के अनुसार, इस माह में शिवलिंग की विधिवत पूजा और जलाभिषेक करने से भगवान शिव अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं। यदि आप भी इस सावन महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो पूजा की सही विधि और नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

PunjabKesari Sawan Shivling Puja Vidhi

Avoid these mistakes during Shiva worship शिव पूजा में न करें ये गलतियां
केतकी, मदंती, केवड़ा, जूही, कुंद, शिरीष, कंद, अनार के फूल, कदम्ब के फूल, सेमल के फूल, सारहीन/ कठूमर के फूल, कपास के फूल, पत्रकंटक के फूल, गंभारी के फूल, बहेड़ा के फूल, तिंतिणी के फूल, गाजर के फूल, कैथ के फूल, कोष्ठ के फूल, कनेर, कमल और धव के फूल और लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाएं। इसके अतिरिक्त तुलसी, हल्दी, मेहंदी, नारियल पानी, सिंदूर, कुमकुम और रोली, शंख या शंख से जल अर्पित नहीं किया जाता।

Materials for worshipping the Shivling शिवलिंग की पूजा के लिए सामग्री
अभिषेक हेतु: शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, शक्कर और गन्ने का रस।
पूजन हेतु: कम से कम 3 या 11 बेलपत्र, 1-2 धतूरा, भांग और शमी के पत्ते, आंकड़े के फूल, सफेद चंदन, भस्म, अक्षत, धूप, दीप और प्रसाद के लिए फल या मिठाई।

PunjabKesari Sawan Shivling Puja Vidhi

Sawan Puja Vidhi Mantra: सावन में विशिष्ट शिव उपासना विधि
श्रावण मास के किसी भी दिवस अथवा तिथि को विशेषतः सोमवार और शुक्रवार को प्रातःकाल नित्यकर्म से निवृत्त होकर अखंडित बिल्व पत्र और अक्षत (अखंडित चावल) के दाने लें।  किसी पवित्र पात्र में जल भर लें, सामर्थ्य अनुसार चन्दन, धूप, शुद्ध घी का दीपक, गंध, चन्दन लेप आदि एकत्रित करें। समस्त सामग्री को किसी स्वच्छ पात्र में रखें।  

निम्न मंत्र पढ़ते हुए समस्त सामग्री को जल से पवित्र करें
अपक्रामन्तु भूतानि पिशाचाः सर्वतो दिशा। सर्वेषामवरोधेन ब्रह्मकर्म समारभे।।
अपसर्पन्तु ते भूताः ये भूताः भूमिसंस्थिताः। ये भूता विनकर्तारस्ते नष्टन्तु शिवाज्ञया।।

शिवलिंग पर निम्न मंत्र पढ़ते हुए स्वच्छ जल चढ़ाएं
गंगा सिन्धुश्य कावेरी यमुना च सरस्वती। रेवा महानदी गोदा अस्मिन्‌ जले सन्निधौ कुरु।।

शिवलिंग पर निम्न मंत्र पढ़ते हुए अक्षत चढ़ाएं
क्क अक्षन्नमीमदन्त ह्यव प्रिया ऽअधूड्ढत। अस्तोड्ढत स्वभानवोव्विप्प्रान विष्ट्ठयामती योजान्विन्द्रते हरी।।

शिवलिंग पर निम्न मंत्र पढ़ते हुए पुष्प अर्पित करें
क्क ओषधीः प्रतिमोदध्वं पुष्पवतीः प्रसूवरीः। अष्वाऽइव सजित्वरीर्व्वीरुधः पारयिष्णवः।।

शिवलिंग पर निम्न मंत्र पढ़ते हुए चन्दन के लेप से त्रिपुंड बनायें
क्क भूः भुर्वः स्वः क्क द्द्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम्‌ पुष्टि वर्धनम्‌ उर्व्वारुकमिव बन्धनान्‌ मृत्योर्मुक्षीय मामुतः।।

शिवलिंग पर निम्न मंत्र पढ़ते हुए चन्दन धूप दर्शित करवाएं
काशीवास निवासिनाम्‌ कालभैरव पूजनम्‌। कोटिकन्या महादानम्‌ एक बिल्वं समर्पणम्‌।। दर्षनं बिल्वपत्रस्य स्पर्षनं पापनाशनम्‌। अघोर पाप संहार एकबिल्वं शिवार्पणम।। त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम्‌। त्रिजन्मपाप संहारं एकबिल्वं शिवार्पणम।।

शिवलिंग पर निम्न मंत्र पढ़ते हुए जल से अभिषेक करें
गंगोत्तरी वेग बलात्‌ समुद्धृतं सुवर्ण पात्रेण हिमांषु। शीतलं सुनिर्मलाम्भो ह्यमृतोपमं जलं गृहाण काशीपति भक्त वत्सल।।

तदुपरांत निम्न मन्त्र से क्षमा प्रार्थना करें
अपराधो सहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निषं मया, दासोऽयमिति माम्‌ मत्वा क्षमस्व परमेश्वर। आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनं पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर। मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर, यत्पूजितं मया देव परिपूर्ण तदस्तु मे।।

PunjabKesari Sawan Shivling Puja Vidhi

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!