Edited By Sarita Thapa,Updated: 30 Jul, 2026 12:17 PM

सावन का महीना शिव जी की पूजा के लिए बहुत शुभ और खास माना जाता है। इस साल सावन की शुरुआत 30 जुलाई, 2026 यानी आज से हो रही है और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। इस दौरान शिव जी के भक्त पूरे उत्साह के साथ सावन सोमवार का व्रत रखते हैं और जलाभिषेक...
Sawan Somwar Vrat 2026 : सावन का महीना शिव जी की पूजा के लिए बहुत शुभ और खास माना जाता है। इस साल सावन की शुरुआत 30 जुलाई, 2026 यानी आज से हो रही है और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। इस दौरान शिव जी के भक्त पूरे उत्साह के साथ सावन सोमवार का व्रत रखते हैं और जलाभिषेक करते हैं। हर कोई अपनी आस्था से देवों के देव महादेव को प्रसन्न करना चाहता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार, उपवास हर किसी के लिए सही नहीं होता। खासतौर पर 5 ऐसे लोग हैं, जिनके लिए सावन व्रत के नियम काफी अलग हैं और उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। तो आइए जानते हैं कि वो कौन से 5 लोग हैं, जिनके लिए सावन सोमवार व्रत के लिए नियम अलग होते हैं।
किन 5 लोगों के लिए हैं अलग नियम?
गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान शरीर को सही पोषण और भरपूर पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में निर्जला या बहुत कठिन व्रत रखने से बचना चाहिए। यदि आस्था गहरी है, तो महिलाएं फलों का जूस, दूध और सात्विक फलाहार लेकर पूजा कर सकती हैं।
गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग
जो लोग डायबिटीज, दिल की बीमारी, या किडनी की समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए लंबे समय तक खाली पेट रहना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों की सलाह के बिना इन्हें उपवास नहीं करना चाहिए, क्योंकि दवाओं का समय बिगड़ने से तबियत ज्यादा खराब हो सकती है।

छोटे बच्चे
बच्चों का शरीर विकास की प्रक्रिया में होता है। उन्हें जबरन या देखा-देखी में कड़े उपवास नहीं करवाने चाहिए। बच्चे केवल सुबह पूजा-पाठ में शामिल हो सकते हैं और पूरे दिन नियमित पौष्टिक भोजन या हल्का फलाहार ले सकते हैं।
बुजुर्ग
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और कई बुजुर्ग नियमित दवाओं पर निर्भर होते हैं। यदि शरीर में कमजोरी या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो बुजुर्गों को भूखे रहने के बजाय केवल मानसिक रूप से भगवान का ध्यान करना चाहिए।
शारीरिक रूप से कमजोर या रिकवर हो रहे मरीज
अगर आप हाल ही में किसी बीमारी से ठीक हुए हैं या शरीर में खून और पानी की कमी (Dehydration) है, तो कठोर व्रत से बचें। ऐसे लोगों को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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