Edited By Sarita Thapa,Updated: 29 Jul, 2026 03:46 PM

सनातन धर्म में सावन के महीने का बहुत खास महत्व है। यह माह देवों के देव महादेव को बहुत प्रिय है। साल 2026 में सावन सोमवार का पहला व्रत 03 अगस्त को रखा जाएगा।
Sawan Somwar Vrat Niyam : सनातन धर्म में सावन के महीने का बहुत खास महत्व है। यह माह देवों के देव महादेव को बहुत प्रिय है। साल 2026 में सावन सोमवार का पहला व्रत 03 अगस्त को रखा जाएगा। माना जाता है कि सावन के माह में पूरे विधि-विधान और सच्चे मन से शिव जी की पूजा करने और व्रत रखने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन में आने वाली हर समस्या से छुटकारा मिलता है। लेकिन कई महिलाओं के मन में एक सवाल जरूर बना रहता है कि अगर सावन सोमवार के दिन गलती से पीरियड्स आ जाएं तो व्रत रखना चाहिए या तोड़ देना चाहिए। तो आइए जानते हैं इसके पीछे की मान्यताओं के बारे में-
2026 में सावन कब से शुरू होगा?
हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार सावन का महीना 30 जुलाई गुरुवार से शुरू हो रहा है। जिसकी समाप्ति 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ होगी। इस बार सावन के महीने में पांच सोमवार आएंगे।
मासिक धर्म के दौरान व्रत रखें या नहीं?
साल 2026 में 03 अगस्त से पहला सावन सोमवार का व्रत रखा जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं सावन सोमवार और सोलह सोमवार का व्रत रखती हैं। ऐसे में महलिओं के मन में यह सवाल अक्सर बना रहता है कि सावन के व्रत के दौरान पीरियड्स का व्रत रखना चाहिए या नहीं रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,अगर किसी महिला ने पहले से सावन सोमवार या सोलह सोमवार व्रत का संकल्प लिया है, तो वह पीरियड्स के दौरान भी व्रत रख सकती है। लेकिन इस दौरान शिव मंदिर में जाना, शिवलिंग का स्पर्श करना और पूजा लकरने से परहेज करना चाहिए।

सावन में पीरियड आ जाए तो क्या करें?
सावन सोमवार के दौरान अगर पीरियड्स आ जाएं तो महिलाएं व्रत को छोड़कर आने वाले अगले सोमवार का व्रत रख सकती हैं। ऐसे में महिलाएं दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करें और मानसिक रूप से शिव जी का ध्यान करें और उनके मंत्रों और नामों का जाप करें। साथ ही अपने साफ-सफाई का ध्यान दें और ज्यादा से ज्यादा आराम करें।

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