Edited By Niyati Bhandari,Updated: 22 Sep, 2026 11:19 AM

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि संबंधित विवाद को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग को लेकर अगले 11 दिनों तक जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में जत्थे श्री दरबार साहिब के हैड ग्रंथी को मांग पत्र सौंपेंगे और श्री अकाल तख्त साहिब पर...
चंडीगढ़ (अर्चना): ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि संबंधित विवाद को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग को लेकर अगले 11 दिनों तक जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में जत्थे श्री दरबार साहिब के हैड ग्रंथी को मांग पत्र सौंपेंगे और श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास करेंगे।
पार्टी कोर कमेटी की बैठक के बाद आयोजित प्रैस कॉन्फ्रैंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि जिन धार्मिक संस्थाओं के निर्माण के लिए सिख पूर्वजों ने कुर्बानियां दीं, आज उन्हीं संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2 दिसम्बर के हुक्मनामे के बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई और विदेश से एक महिला को लाकर उनके चरित्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि उक्त महिला को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में सुविधाएं और रिहाइश उपलब्ध करवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले की जिम्मेदारी केवल एक व्यक्ति पर डालकर कथित साजिश को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सवाल उठाया कि यदि कोई महिला 6 महीने तक गुरुघर की सराय में रह रही थी तो क्या एस.जी.पी.सी. अध्यक्ष को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि जानकारी नहीं थी तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार द्वारा मामले से अनभिज्ञता जताए जाने पर भी सवाल उठाए।
अमरजीत सिंह चावला के मामले पर उन्होंने कहा कि फैसला जल्दबाजी में लिया गया और मर्यादा के अनुसार पहले जवाब तलब किया जाना चाहिए था। उन्होंने सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एफ.आई.आर. दर्ज होने के बावजूद आरोपी के विदेश चले जाने की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए। प्रैस कॉन्फ्रैंस में शिरोमणि अकाली दल पुनर-सुरजीत के महासचिव गुरप्रताप सिंह वडाला, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, परमिंदर सिंह ढींडसा, सुच्चा सिंह छोटेपुर, सरवण सिंह फिल्लौर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।