Edited By Niyati Bhandari,Updated: 16 Sep, 2026 10:39 AM

Mote Ganesh ji Khasgi Bazaar Gwalior: ग्वालियर के खासगी बाजार स्थित मोटे गणेश जी मंदिर से जुड़ी है व्यापारियों की गहरी आस्था। जानिए, दुकान की चाबी स्पर्श कराने की परंपरा और भगवान के चोला त्यागने के चमत्कार की पूरी कहानी।
ग्वालियर (अंकुर जैन): मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर का खासगी बाजार सिर्फ अपनी व्यापारिक गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनोखे आस्था केंद्र के लिए भी जाना जाता है। यहां विराजमान 'मोटे गणेश जी' का सैकड़ों वर्ष पुराना मंदिर शहर के व्यापारी समाज का सबसे बड़ा विश्वास स्तंभ है। मान्यता है कि यहां भगवान गणेश स्वयं अपने भक्तों और व्यापारियों के कारोबार की रक्षा करते हैं। नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ करने से लेकर दुकान की चाबी को मंदिर के पत्थर से स्पर्श कराने की यह अनोखी परंपरा वर्षों से बिना रुके चली आ रही है। आइए जानते हैं खासगी बाजार के इन 'व्यापारियों के गणेश' और उनके चोला त्यागने के अद्भुत चमत्कार की पूरी कहानी।
चाबी स्पर्श कराने की अनोखी परंपरा: 'व्यापारियों के गणेश' के दर से ही शुरू होती है नई बोहनी यानी व्यापारी वर्ग की आस्था और नया प्रतिष्ठान शुरू करने से पहले मंदिर के पत्थर से दुकान की चाबी स्पर्श कराने की परंपरा है।
चोला त्यागने का दिव्य रहस्य: जब मोटे गणेश जी ने दिखाई अपनी विशेष महिमा। प्रतिमा द्वारा कई बार चोला त्यागने के चमत्कार और श्रद्धालुओं के अनुभव पर आधारित है।
गणेश उत्सव और अनंत चतुर्दशी पर उमड़ती है भीड़: खासगी बाजार में सजता है विशाल भंडारा जैसे वार्षिक गणेश उत्सव, धार्मिक अनुष्ठान और अनंत चतुर्दशी के विशाल भंडारे के आयोजन होते हैं।