Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Aug, 2026 10:29 AM

रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.-रुड़की) और आई.आई.टी.-कानपुर के संयुक्त अध्ययन से पता चला है कि वायु प्रदूषण की वजह से दिल्ली स्थित हुमायूं के मकबरे पर
नई दिल्ली (एजैंसी): रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.-रुड़की) और आई.आई.टी.-कानपुर के संयुक्त अध्ययन से पता चला है कि वायु प्रदूषण की वजह से दिल्ली स्थित हुमायूं के मकबरे पर लगे बलुआ पत्थर के क्षरण की गति बढ़ रही है। यह मकबरा यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल है।
‘इंटरनैशनल जर्नल ऑफ आर्किटैक्चरल हैरिटेज’ में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, अध्ययन के दौरान हुमायूं के मकबरे के विभिन्न हिस्सों से एकत्र किए गए काली परत के नमूनों की रासायनिक संरचना, खनिज सामग्री और सूक्ष्म संरचना का विश्लेषण करने के लिए प्रयोगशाला तकनीकों का उपयोग किया गया।