Jupiter Transit 2026 in Cancer : कर्क में गुरु, कन्या राशि वालों को मिलेगा बड़ा लाभ

Edited By Updated: 02 May, 2026 04:01 PM

साल 2026 का सबसे बेस्ट गोचर देव गुरु बृहस्पति का होने जा रहा है। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है। क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं।

Jupiter Transit 2026 in Cancer : साल 2026 का सबसे बेस्ट गोचर देव गुरु बृहस्पति का होने जा रहा है। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है। क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं। 12 साल बाद घूम के अपनी कर्क राशि यानी कि जो उच्च राशि है वहां पर आते हैं। इस साल यह अच्छी चीज होने जा रही है। यह ब्लेसिंग वाली चीज है। बहुत सारी राशियों के लिए ब्लेसिंग वाली चीज है। 2 जून कोगुरु कर्क में आएंगे। हालांकि गुरु एक साल में एक राशि पूरी करते हैं। लेकिन गुरु इन दिनों शीघ्रगामी गति से चल रहे हैं। गुरु इसी साल में ही 31 अक्टूबर दोबारा सिंह में आ जाएंगे। ऐसा नहीं है कि गुरु का गोचर छह महीने का हो गया या पांच महीने का हो गया। यहां पर सिंह में आएंगे, वक्री होंगे, मार्गी होंगे। फिर 24 जून को फिर 24 जनवरी को 2027 को फिर दोबारा कर्क में आ जाएंगे। फिर रहेंगे 24 जून तक कर्क में। तो साइकिल पूरा साल का है लेकिन इन तीन महीनों में नवंबर का महीना पूरा है दिसंबर का है। जनवरी के 24 दिन है। इन तीन महीनों में सिंह में रहेंगे। कर्क राशि में ही 9 महीने रहेंगे।

गुरु का जो गोचर होता है वह पांच राशियों के लिए अच्छा होता है। गुरु का गोचर कुंडली में दूसरे भाव में, पांचवें भाव में, सातवें भाव में, नौवें भाव में और 11वें भाव में अच्छा होता है। गुरु इतने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। आपकी कुंडली में 12 भाव होते हैं। दूसरा भाव धन का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। पांचवा इजी गेंस का बुद्धि विवेक का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। हायर एजुकेशन का यह भाव होता है। उसके कारक गुरु है। नाइंथ हाउस आपका भाग्य स्थान होता है। अध्यात्म से जुड़ा हुआ भाव होता है। आपकी लाइफ में जितना भी कुछ आता है, यह नाइंथ हाउस सबसे बेस्ट भाव होता है कुंडली का। उसके कारक गुरु हैं। 11वां भाव जो आपकी आय का भाव होता है उसके कारक गुरु हैं। यदि यह गुरु अच्छे गोचर में रहते हैं, तो इसका बहुत फायदा मिलता है। आप इसका अंडरस्टैंडिंग कर सकते हैं। क्योंकि ज्ञान के कारक, संतान के कारक, धन के कारक, भाग्य के कारक सबके कारक गुरु ही है। आपको आपकी राशि के बारे में सब कुछ बताया जाएगा कि कहां पर गुरु की दृष्टि आएगी। किसके लिए फल अच्छा रहेगा, किसके लिए फल खराब रहेगा। यह 12 राशियों के ऊपर इसके ऊपर चर्चा करेंगे। गुरु आपके लिए कितने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। कितना इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं। 

पांचवी राशि जिसके लिए यह गोचर अच्छा हो जाएगा। कन्या राशि है। कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर काफी अच्छा होने जा रहा है। क्योंकि कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर होगा 11वें भाव में। 11वां भाव आपकी आय का भाव है। आपकी वृद्धि का भाव है। आपके एलिवेशन का भाव है। तरक्की का भाव है। प्रमोशन यहीं से देखी जाती है। गुरु इस भाव के कारक भी हैं। यहां पर आएंगे तो आय में वृद्धि करना शुरू कर देंगे। अब ये जो कन्या राशि है इसके लिए गुरु दोनों त्रिकोण दोनों केंद्रों के स्वामी हो जाएंगे। क्योंकि गुरु जब  कन्या राशि की पत्रिका बनाएंगे तो दशम के स्वामी गुरु हो जाएंगे और आपके लिए दशम का दशम यानी कि सप्तम के भी स्वामी गुरु हो जाएंगे। क्योंकि सामने 12 नंबर राशि आ जाएगी न मीन राशि आ जाएगी।  एक तो दशम एक्टिव हो गया। दूसरा दशम का दशम भी एक्टिव हो गया। इसका मतलब यह है कि गुरु आपके लिए कारोबार के स्थान का भी एक्ट को भी एक्टिवेट कर देंगे। गुरु के शुभ गोचर होने के कारण आपको दशम से दशम का भी अच्छा फल मिलेगा। क्योंकि दूसरी राशि वहां पर है न तो यदि आप पार्टनरशिप में काम करना चाहते हैं, तो पार्टनरशिप का जो है वह आपका सिलसिला चल निकलेगा। यदि शादी एक्टिव नहीं हुई है, शादी भी एक्टिव हो रही है। क्योंकि गुरु बैठे हैं 11वें में तो नौवीं दृष्टि आपके सप्तम के ऊपर आ रही है। 

यह गुरु का अपना भाव है। तो अल्टीमेटली क्या होगा? यहां पर ऑलरेडी शनि गोचर कर रहे हैं। तो शनि यहां पर है सप्तम में और गुरु की दृष्टि के ऊपर दृष्टि आ गई। यह भाव एक्टिव है। तो शादी हो सकती है। पार्टनर मिल सकता है बिज़नेस का कोई ना कोई आपके कारोबार में वृद्धि हो सकती है। क्योंकि दशम एक्टिवेट हो गया। तो उसके अलावा गुरु क्या करेंगे? गुरु की दृष्टि जाएगी। पंचम भाव के ऊपर यदि संतान है तो संतान पक्ष से अच्छी खबर आ जाएगी। यदि संतान नहीं है तो संतान आने की प्लानिंग हो सकती है। यहां पर आपको बहुत सारी चीज़ें यहां पर अह पॉजिटिव होती हुईज़ नज़र आएंगी। पांचवें भाव में पांचवें भाव से। यदि लाइफ में कोई नहीं है तो लाइफ में कोई आ जाएगा। क्योंकि निश्चल प्रेम का भाव है। यह प्रीमैटर रिलेशनशिप का भाव है। डिसीजन मेकिंग आपकी बेटर हो जाएगी। भाई से आपको छोटे भाई से आपको लाभ मिलता हुआ नज़र आएगा या छोटे भाई के साथ अंडरस्टैंडिंग जो है वह बेटर होती हुई नज़र आएगी। 

उपाय- यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है तो वो रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। मान लीजिए आपका गुरु, राहु, केतु एक्सिस पे है। गुरु लग्न कुंडली के छठे, आठवें, 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है, तो आपको गुरु की रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। अपने टीचर की रिस्पेक्ट करिए। दूसरा गुरु की रेमेडी होती है। गुरु ज्ञान के कारक है। तो किसी एक बच्चे को आप स्टडी में हेल्प करिए। कोई मैटर नहीं करता कि आप किस तरीके से हेल्प कर रहे हैं। आप उसको अपनी नॉलेज शेयरिंग के रूप में भी कर सकते हैं। कोई बच्चा मान लीजिए कोई पढ़ना चाहता है। उसको आपके पास समय है। आप उसको एक सब्जेक्ट में असिस्ट कर सकते हैं। ₹10 की पेंसिल लेके दे सकते हैं। स्कूल का बैग लेके दे सकते हैं। स्कूल की यूनिफार्म ले लेके दे सकते हैं। स्टेशनरी लेके दे सकते हैं। या उसकी स्टडी में हेल्प कर सकते हैं। किसी को ज्ञान देना, किसी को ज्ञान में हेल्प करना यह गुरु का काम है। गुरु के जो मंत्र्रास होते हैं ओम ब्रह्म बृहस्पताए नमः उसका जप किया जा सकता है। पीली चीजों का दान कर सकते हैं। गुरु का स्टोन पहन सकते हैं। आपके पास पैसा है तो पुखराज पहन लीजिए। लेकिन पुखराज तभी पहनिएगा यदि आपकी कुंडली में गुरु 6, 8, 12 में नहीं बैठे। यदि 6, 8, 12 में बैठे हैं, तो गुरु की यह रेमेडी मत करिएगा। 

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