Edited By Tanuja,Updated: 02 May, 2026 07:27 PM

अमेरिका का विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford मिडिल ईस्ट से हट गया है, जबकि क्षेत्र में अभी भी दो अन्य कैरियर तैनात हैं। इसी बीच Donald Trump ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने का दावा किया, लेकिन बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
International Desk: अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती में बदलाव करते हुए अपने सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford को क्षेत्र से वापस बुला लिया है। यह पोत ईरान के खिलाफ ऑपरेशनों में शामिल था और 10 महीनों से अधिक समय तक समुद्र में तैनात रहा। हालांकि, अमेरिका की सैन्य मौजूदगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। क्षेत्र में अभी भी दो अन्य विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln और USS George H. W. Bush तैनात हैं, जो सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सक्रिय रहेंगे। यह तैनाती उस समय शुरू हुई थी जब 2025 में अमेरिका से रवाना होकर यह कैरियर यूरोप, लैटिन अमेरिका और बाद में मिडिल ईस्ट में पहुंचा था, जहां ईरान के साथ बढ़ते तनाव के कारण इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल 2026 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई सैन्य झड़प नहीं हुई है और 28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष अब खत्म हो गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि 60 दिनों की कानूनी समय सीमा पूरी होने के बाद यह सैन्य कार्रवाई रोक दी गई है, क्योंकि अमेरिकी कानून के तहत कांग्रेस की मंजूरी के बिना लंबे समय तक युद्ध जारी नहीं रखा जा सकता।
हालांकि, कूटनीतिक मोर्चे पर स्थिति अभी साफ नहीं है। ट्रंप ने माना कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन वे मौजूदा प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने ईरान के नेतृत्व को “बिखरा हुआ” बताते हुए कहा कि वहां एकमत की कमी है, जिससे समझौता करना मुश्किल हो रहा है। अमेरिका का यह कदम क्या संकेत देता है कि वह सैन्य दबाव और कूटनीति दोनों रणनीतियों पर काम कर रहा है। क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।कैरियर की वापसी आंशिक राहत का संकेत, लेकिन पूरी शांति नहीं।