Edited By Niyati Bhandari,Updated: 05 Jun, 2026 03:41 PM

Kainchi Dham Nearby Temples: यदि आप नीम करौली बाबा के कैंची धाम जा रहे हैं, तो अल्मोड़ा के पास स्थित इन 4 पौराणिक मंदिरों के दर्शन करना न भूलें। जागेश्वर धाम से लेकर गोलू देवता तक, जानें इनका महत्व।
Kainchi Dham Nearby Temples: देवभूमि की आध्यात्मिक यात्रा: उत्तराखंड की शांत वादियों में स्थित बाबा नीम करौली का कैंची धाम आस्था का वो केंद्र है, जहां केवल देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं खासकर 15 जून को धाम के स्थापना दिवस और ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के अवसर पर यहां भक्तों का भारी सैलाब उमड़ता है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि बाबा के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैंची धाम की यह यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक आप इसके आसपास के पौराणिक मंदिरों के दर्शन न कर लें? अगर आप भी इस बार कैंची धाम जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अल्मोड़ा के इन 4 सिद्ध मंदिरों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें:

जागेश्वर धाम: पहाड़ों की 'मिनी काशी'
जागेश्वर धाम यानी जागेश्वर शिव मंदिर व मंदिर समूह, जहां 124 मंदिर एक ही स्थान पर अवस्थित हैं। आसपास 276 मंदिर और भी हैं। तभी तो इसे मिनी काशी के नाम से भी जाना जाता है। जागेश्वरधाम आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही वास्तु कला व चित्रकला का अद्भुत संगम है। प्राचीनकाल में जागेश्वरधाम नागेश्वर मंदिर में मांगी गई मन्नतें उसी रूप में स्वीकृत हो जाती थीं, जिसका भारी दुरुपयोग होने लगा था। जब सुप्रसिद्ध अद्वैत दार्शनिक अभिनव शंकर, शंकराचार्य (आठवीं शताब्दी ईस्वी) जागेश्वरधाम पहुंचे तो उन्होंने महामृत्युंजय में विराजमान शिवलिंग को कीलित करके उसके दुरुपयोग को रोकने की व्यवस्था की। शंकराचार्य जी द्वारा शिवलिंग कीलित कर दिए जाने के बाद से अब यहां दूसरों के लिए बुरी कामना करने वालों की मनोकामनाएं पूरी नहीं होतीं, बल्कि मात्र यज्ञ अनुष्ठान से की जाने वाली मंगलकारी मनोकामनाएं ही पूरी हो सकती हैं। यहां नि:संतान माताओं को श्रद्धा व आस्थापूर्वक पूजन करने से संतान की प्राप्ति होती है।

कसार देवी: जहाँ बरसती है असीम ऊर्जा
उत्तराखंड के अल्मोड़ा के एक मंदिर के रहस्य से तो अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिक भी हैरान हैं। दरअसल, कसार देवी मंदिर एक अनोखी चुम्बकीय शक्ति के लिए लोकप्रिय है, जिसके बारे में खोजबीन करने के लिए अकसर वैज्ञानिक आते रहते हैं। अल्मोड़ा की पहाड़ी पर स्थित कसार देवी मंदिर अपनी रहस्यमयी और सकारात्मक ऊर्जा के लिए विश्व विख्यात है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह क्षेत्र 'वैन एलन बेल्ट' की तरह उच्च चुंबकीय शक्ति से भरपूर है, जो ध्यान के लिए सर्वोत्तम है। मंदिर में हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दौरान कसार मेला लगाया जाता है, जिसमें हजारों-लाखों लोग हिस्सा लेते हैं। पर्यटक कुदरत के बीच शांति पाने के लिए आसपास के गांवों में भी जा सकते हैं। यही नहीं, यह जगह ‘बिनसर वाइल्ड लाइफ सैंगक्चूएरी’ के काफी पास है, जहां आप हर प्रजाति के पक्षियों को देख सकते हैं।

चितई गोलू देवता: न्याय के देवता का दरबार
उत्तराखंड के सबसे अनोखे मंदिरों में से एक है चितई गोलू देवता मंदिर। इन्हें 'न्याय का देवता' माना जाता है। चिताई मंदिर गोलू देवता को समर्पित है जो गौड़ भैरव के अवतार थे। यह बिनसार से 44 किलोमीटर दूर स्थित है। इस पवित्र मंदिर के देवता हर इच्छा पूरी करने के लिए जाने जाते हैं, यदि साफ मन से मांगा जाए। कोई गोलू देवता को पत्र लिखकर भी उनसे कुछ भी मांग सकता है। मंदिर परिसर में लटकी हजारों घंटियां और चिट्ठियां इस बात का प्रमाण हैं कि यहां हर फरियाद सुनी जाती है।

झूला देवी मंदिर: मनोकामना की घंटियां
झूला देवी मंदिर मां दुर्गा को समर्पित मंदिर है। जो लगभग 700 वर्ष पुराना है इस पावन मंदिर में भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर पीतल की घंटी धन्यवाद रुप में चढ़ाते हैं। मंदिर में चारों तरफ हजारों घंटियां दिखाई देती हैं।
