Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 Oct, 2026 10:10 AM

हिंदू धर्म में कालाष्टमी का बहुत खास महत्व है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन देवों के देव महादेव के उग्र और पराक्रमी स्वरूव काल भैरव को समर्पित है।
Kalashtami October 2026 Date : हिंदू धर्म में कालाष्टमी का बहुत खास महत्व है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन देवों के देव महादेव के उग्र और पराक्रमी स्वरूव काल भैरव को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से काल भैरव की पूजा करने और व्रत रखने से तांत्रिक और सामान्य गृहस्थ, दोनों ही जीवन से भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शुभ फलों का प्राप्ति होती है। अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को लेकर इस बार लोगों के मन में थोड़ी उलझन है कि व्रत 3 अक्टूबर को रखा जाए या 4 अक्टूबर को। तो आइए जानते हैं कालाष्टमी के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में-
अक्टूबर कालाष्टमी व्रत शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि की शुरुआत 03 अक्टूबर, सुबह 8:00 बजे से हो रही है। वहीं इस तिथि की समाप्ति 04 अक्टूबर, सुबह 5 बजकर 52 मिनट पर हो रही है। वहीं कालाष्टमी की पूजा शाम को करने का विधान है। इसलिए कालाष्टमी का व्रत 3 अक्टूबर को रखना उचित रहेगा। कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 06 बजकर 05 मिनट से 06 बजकर 29 मिनट तक है।
कालाष्टमी का धार्मिक महत्व
जो भक्त सच्चे मन से कालाष्टमी का व्रत रखते हैं, उनके जीवन से अकाल मृत्यु का भय, नकारात्मक शक्तियां, टोने-टोटके और शत्रुओं की बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काल भैरव की पूजा करने से कुंडली में स्थित शनि और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं। बीमारी और लंबे समय से चले आ रहे कष्टों से मुक्ति पाने के लिए यह व्रत बेहद फलदायी माना गया है।
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