Edited By Sarita Thapa,Updated: 16 Sep, 2026 01:07 PM

हिंदू धर्म में हर एक संक्रांति का बहुत खास महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर का कारक माना जाता है। जब सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर अपने मित्र बुध की राशि कन्या में प्रवेश करते हैं, तो इस तिथि को...
Kanya Sankranti 2026 Upay : हिंदू धर्म में हर एक संक्रांति का बहुत खास महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर का कारक माना जाता है। जब सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर अपने मित्र बुध की राशि कन्या में प्रवेश करते हैं, तो इस तिथि को कन्या संक्राति कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, संक्रांति के दौरान पड़ने वाला पुण्य काल और महापुण्य काल तंत्र-मंत्र और धार्मिकउपायों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि कन्या संक्रांति के दिन कौन से उपाय करने से मन की हर इच्छा पूरी होगी और करियर में आ रही तंगी से छुटकारा मिलेगा।
तांबे के लोटे से सूर्य देव को दें विशेष अर्घ्य
संक्रांति के दिन महापुण्य काल में सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरें। उसमें थोड़ा सा लाल चंदन, रोली, अक्षत और लाल गुड़हल का फूल मिलाएं और उगते सूर्य की और मुख करके जल अर्पित करें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से कुंडली में सूर्य को मजबूत कर करियर में रुकी हुई प्रगति को गति देता है।
महापुण्य काल में करें गेहूं और गुड़ का दान
महापुण्य काल की समयावधि के भीतर किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन, लाल वस्त्र या मसूर की दाल का दान करें। माना जाता है कि गुड़ और गेहूं का दान करने से कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रिश्ते मधुर होते हैं और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

आदित्य हृदय स्तोत्र का 3 बार पाठ
संक्रांति के दिन सूर्य अर्घ्य देने के पश्चात लाल रंग के आसन पर बैठकर पूर्व दिशा की ओर मुख करें। इसके बाद पूर्ण श्रद्धा के साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का 3 बार पाठ करें। इस उपाय को करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और इंटरव्यू या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलती है।
कार्यस्थल की बाधाओं के लिए गायत्री मंत्र का जाप
महापुण्य काल में रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से कम से कम 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें। माना जाता है कि यह मंत्र मानसिक स्पष्टता लाता है और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है, जो व्यावसायिक सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

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