Edited By Niyati Bhandari,Updated: 08 Sep, 2026 01:50 PM

सामाजिक रीति-रिवाजों में बढ़ती फिजूलखर्ची, दहेज प्रथा और दिखावे पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा की खाप पंचायतों ने एक ऐतिहासिक पहल की है। पलवल के गांव मंडकोला में 36 बिरादरी और 52 पाल की महापंचायत में शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक आयोजनों को सादगीपूर्ण...
पलवल (इंट): सामाजिक रीति-रिवाजों में बढ़ती फिजूलखर्ची, दहेज प्रथा और दिखावे पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा की खाप पंचायतों ने एक ऐतिहासिक पहल की है। पलवल के गांव मंडकोला में 36 बिरादरी और 52 पाल की महापंचायत में शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक आयोजनों को सादगीपूर्ण बनाने के लिए 22 महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से पारित किए गए। महापंचायत में एन.सी.आर. क्षेत्र से करीब 10,000 लोगों ने भाग लिया।
एक रिपोर्ट में 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जैलदार के हवाले से कहा गया है कि अब सगाई की रस्म में लड़के को केवल एक रुपया, पांच कपड़े और एक किलो मिठाई दी जाएगी। सगाई में अधिकतम 5 लोग ही शामिल होंगे। वहीं, शादियों में बारात का आकार सीमित करते हुए अधिकतम 51 बारातियों को ही अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। विवाह समारोहों में केवल शाकाहारी और सात्विक भोजन परोसने की अपील भी की गई है।
मृत्यु भोज बंद, जेवरात की सीमा तय
सामाजिक सुधारों के तहत मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया। साथ ही शादियों में 2 तोले से अधिक सोना और 100 ग्राम से अधिक चांदी देने पर रोक रहेगी। महापंचायत का मानना है कि इन फैसलों से सामाजिक आयोजनों में बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने और सादगी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
दहेज, डी.जे. और शराब पर सख्त रोक
महापंचायत ने दहेज प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए कन्यादान की राशि अधिकतम 11,000 रुपए तय की है। लग्जरी वाहन, नकद राशि और महंगे उपहार देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही शादी या निकाह समारोहों में डी.जे. और शराब के उपयोग पर भी पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।