Edited By Sarita Thapa,Updated: 10 Aug, 2026 01:47 PM

स्टासबर्ग विश्वविद्यालय के प्रो. लुई पास्चर ने कुत्ते के काटने के इलाज की खोज की। वह विश्वविद्यालय के ही एक अधिकारी की बेटी को पसंद करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। लड़की और उसके माता-पिता की ओर से विवाह की मंजूरी मिल गई।
Louis Pasteur Story : स्टासबर्ग विश्वविद्यालय के प्रो. लुई पास्चर ने कुत्ते के काटने के इलाज की खोज की। वह विश्वविद्यालय के ही एक अधिकारी की बेटी को पसंद करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। लड़की और उसके माता-पिता की ओर से विवाह की मंजूरी मिल गई। निश्चित समय पर मित्र व संबंधी चर्च पहुंच गए, लेकिन पास्चर नहीं पहुंचे। कुछ लोग खुसर-फुसर करने लगे कि शायद पास्चर विवाह नहीं करेगा। इतने में एक मित्र पास्चर की प्रयोगशाला में गया, तो देखा कि वह प्रयोग करने में अत्यंत व्यस्त थे।
मित्र बोला- "यार हद हो गई, आज तो तुम्हारा विवाह है, चर्च में तुम्हारा इंतजार हो रहा है। बंद करो यह प्रयोग, यह तो बाद में भी हो जाएगा।"
पास्चर ने उसकी ओर देखे बिना ही कहा- "जरा रुको! कई दिनों से मैं जो प्रयोग कर रहा था उसके परिणाम निकल रहे हैं। ऐसा न हो कि मेरी वर्षों की मेहनत बेकार हो जाए।"
पास्चर अपना प्रयोग पूरा करने के बाद ही चर्च के लिए रवाना हुए। उनकी शादी भी खूब धूमधाम से सम्पन्न हुई। लेकिन महान कार्य यूं ही पूरे नहीं होते, उन्हें करने के लिए जरूरत पड़ने पर अपनी सर्वाधिक प्रिय व्यक्तिगत इच्छाओं को भी किनारे करना होता है।
इस प्रसंग की सबसे बड़ी सीख यही है कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए व्यक्ति को अपने समय और प्राथमिकताओं के प्रति बेहद सजग रहना पड़ता है। जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब हमें अपनी पसंद या सुविधा से ऊपर अपने उद्देश्य को रखना पड़ता है। हालांकि निजी जीवन और रिश्तों का महत्व भी कम नहीं होता, लेकिन जब कोई व्यक्ति किसी बड़े उद्देश्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करता है, तो उसकी एकाग्रता और समर्पण ही उसकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन जाते हैं।