Acharya Nagarjuna Story : दूसरों का दर्द समझने वाला ही होता है सबसे बड़ा विद्वान, पढ़ें आचार्य नागार्जुन का प्रेरक प्रसंग

Edited By Updated: 05 Aug, 2026 01:27 PM

acharya nagarjuna story

आयुर्वेद के प्रसिद्ध आचार्य नागार्जुन को अपनी प्रयोगशाला में कार्य करने के लिए एक सहायक की आवश्यकता थी। उन्होंने नौकरी के इच्छुक कई उम्मीदवारों को बुलावा भेजा और उन सबकी परीक्षा लेकर उन्होंने दो उम्मीदवारों को चुना। दोनों ही उम्मीदवार बुद्धिमान व...

Acharya Nagarjuna Story : आयुर्वेद के प्रसिद्ध आचार्य नागार्जुन को अपनी प्रयोगशाला में कार्य करने के लिए एक सहायक की आवश्यकता थी। उन्होंने नौकरी के इच्छुक कई उम्मीदवारों को बुलावा भेजा और उन सबकी परीक्षा लेकर उन्होंने दो उम्मीदवारों को चुना। दोनों ही उम्मीदवार बुद्धिमान व मेहनती लग रहे थे। दोनों में से किसे चुना जाए यह एक गंभीर प्रश्न था। बहुत सोच-विचार कर आचार्य ने दोनों युवकों को एक पदार्थ देकर दो दिन का समय देते हुए घर से रसायन तैयार करके लाने के लिए कहा। दो दिन बाद दोनों युवक आचार्य के पास पहुंचे।

आचार्य ने उन्हें देखते ही रसायन के विषय में पूछा तो पहले युवक ने कहा, ‘‘गुरुजी, आपके कहे अनुसार मैंने घर पर रसायन तैयार कर लिया। हालांकि घर में कई तरह की बाधाएं आईं। मेरी मां तेज बुखार से पीड़ित थीं। पिता को भीषण पेट दर्द शुरू हो गया। संयोग कहिए कि बाहर खेलते हुए कल ही छोटे भाई के पैर की हड्डी टूट गई, फिर भी मैंने किसी बात की परवाह नहीं की। पूरी एकाग्रता से अपने काम में लगा रहा और आखिरकार यह रसायन तैयार कर ही लिया।’’

पहले शिष्य की बात सुनने के बाद आचार्य ने मायूसी से सिर झुकाए दूसरे युवक की ओर देखा तो वह नम्रता से बोला, ‘‘आचार्य जी, माफी चाहता हूं। मैं अपना काम नहीं कर सका, क्योंकि मेरे पड़ोस में रहने वाली एक वृद्ध महिला बहुत बीमार थी। उसकी सेवा करने वाला कोई नहीं था। सो मैं उसकी सेवा में लगा रहा।’’ 

इतना सुनते ही आचार्य खुश हो गए। वह युवक को शाबाशी देते हुए बोले, ‘‘तुम्हीं सही उम्मीदवार हो। रसायन जीवन की रक्षा के लिए होता है और इसे वही बना सकता है जो दूसरों के दुख-दर्द पहचानने की क्षमता रखता हो।’’

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!