Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Nov, 2025 12:15 PM

मंदिर या घर के पूजा स्थान पर देवी-देवताओं को चढ़ाए गए फूल बहुत पवित्र माने जाते हैं। इन्हें यूं ही कहीं फेंकना या कूड़ेदान में डालना अशुभ माना जाता है और कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से पाप लग सकता है।
Mandir Flower Visarjan tips: मंदिर या घर के पूजा स्थान पर देवी-देवताओं को चढ़ाए गए फूल बहुत पवित्र माने जाते हैं। इन्हें यूं ही कहीं फेंकना या कूड़ेदान में डालना अशुभ माना जाता है और कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से पाप लग सकता है। मंदिर के आचार्यों और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इन पवित्र फूलों का विसर्जन कुछ विशेष और सरल तरीकों से करना चाहिए ताकि उनका सम्मान बना रहे और आपको पूजा का पूरा फल मिले। तो आइए जानते हैं कि मंदिर में चढ़ाए फूलों का क्या करना चाहिए।
पवित्र जल में विसर्जन
पूजा के फूलों का विसर्जन करने का सबसे उत्तम और प्राचीन तरीका पवित्र जल में करना चाहिए। सबसे अच्छा है कि आप इन फूलों को किसी पवित्र नदी या स्वच्छ तालाब में प्रवाहित कर दें। ध्यान दें कि फूलों को किसी प्लास्टिक की थैली में बांधकर नहीं फेंकना चाहिए। उन्हें सीधे जल में विसर्जित करें।
मिट्टी में दबाना
यदि आपके आस-पास कोई पवित्र नदी या जल स्रोत उपलब्ध नहीं है, तो आप इन फूलों का विसर्जन भूमि में कर सकते हैं। सबसे आसान तरीका है कि आप इन्हें किसी साफ पौधे या पेड़ के नीचे मिट्टी में दबा दें। ऐसा करने से ये पवित्र फूल खाद में बदल जाते हैं और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचाते हैं। इन्हें सीधे अपने घर के तुलसी या अन्य छोटे गमलों की मिट्टी में नहीं डालना चाहिए।

निर्माल्य कुंड/विसर्जन कुंड
अनेक मंदिरों में अब विशेष रूप से निर्माल्य कुंड या विसर्जन कुंड बनाए जाते हैं। यदि आप किसी बड़े मंदिर के पास रहते हैं, तो आप उन फूलों को वहीं बने निर्माल्य कुंड में डाल सकते हैं। मंदिर प्रबंधन बाद में उनका उचित निपटान सुनिश्चित करता है।
पूजा के फूलों का क्या न करें?
मंदिर के आचार्यों के अनुसार, ये गलतियां करने से बचना चाहिए। पवित्र फूलों को कूड़ेदान में फेंकना उनका अपमान माना जाता है, जिससे पूजा का फल नष्ट हो सकता है। फूलों को ऐसी जगह पर विसर्जित न करें जहां लोगों के पैर पड़ते हों या जहां गंदगी होती हो। फूलों को कभी भी शौचालय या स्नानघर के पास नहीं रखना चाहिए।

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