Edited By Niyati Bhandari,Updated: 02 Apr, 2026 09:07 AM

Mars Transit in Pisces 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल Mars 2 अप्रैल 2026 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह गोचर 11 मई 2026 तक रहेगा।
Mars Transit in Pisces 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल Mars 2 अप्रैल 2026 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह गोचर 11 मई 2026 तक रहेगा।
मंगल को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है, जबकि Pisces मीन राशि भावनात्मक और अंतर्मुखी स्वभाव की होती है। ऐसे में यह गोचर कर्म और भावनाओं के संतुलन का समय लेकर आएगा। इस दौरान व्यक्ति सक्रिय तो रहेगा, लेकिन कई बार निर्णय लेने में उलझन महसूस कर सकता है।

क्या है इस गोचर का खास संदेश?
मीन राशि में मंगल का यह गोचर हमें सिखाता है कि सिर्फ तेजी से आगे बढ़ना ही जरूरी नहीं है, बल्कि सही दिशा में संतुलित और सोच-समझकर कदम उठाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय आत्मचिंतन, धैर्य और जागरूकता के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। यदि सही संतुलन बनाए रखा जाए, तो यह गोचर मानसिक मजबूती और रचनात्मक सफलता दिला सकता है।
मेष, वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के लिए यह गोचर विशेष रूप से लाभकारी रहने वाला है।

सभी 12 राशियों पर मंगल गोचर का प्रभाव
मेष राशि
मंगल का गोचर बारहवें भाव में होगा, जिससे कार्यों की गति धीमी हो सकती है। मानसिक थकान और खर्च बढ़ने की संभावना है।
उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और ध्यान करें।
वृषभ राशि
ग्यारहवें भाव में मंगल का गोचर लाभ और आय में वृद्धि कर सकता है। दोस्तों और नेटवर्क का सहयोग मिलेगा।
उपाय: लाल मसूर दाल का दान करें।
मिथुन राशि
दसवें भाव में गोचर से करियर में नए अवसर मिलेंगे। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
उपाय: “ॐ मंगलाय नमः” मंत्र का जाप करें।
कर्क राशि
नौवें भाव में मंगल नई सोच और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देगा। यात्रा के योग बन सकते हैं।
उपाय: लाल वस्त्र का दान करें।
सिंह राशि
आठवें भाव में गोचर अचानक बदलाव ला सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कन्या राशि
सातवें भाव में मंगल रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है। संयम और संवाद जरूरी है।
उपाय: मंगलवार को लाल फूल अर्पित करें।

तुला राशि
छठे भाव में गोचर से शत्रुओं पर विजय मिलेगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
उपाय: दिनचर्या में अनुशासन रखें और दान करें।
वृश्चिक राशि
पांचवें भाव में मंगल रचनात्मकता और प्रेम जीवन में गहराई लाएगा।
उपाय: “ॐ मंगलाय नमः” का जाप करें।
धनु राशि
चौथे भाव में गोचर से पारिवारिक मामलों पर ध्यान देना होगा। भावनात्मक संतुलन जरूरी है।
उपाय: घर का माहौल शांत रखें और दान करें।
मकर राशि
तीसरे भाव में मंगल साहस और आत्मविश्वास बढ़ाएगा। करियर में सफलता मिल सकती है।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कुंभ राशि
दूसरे भाव में गोचर धन और वाणी पर नियंत्रण रखने का संकेत देता है।
उपाय: सोच-समझकर बोलें और दान करें।
मीन राशि
पहले भाव में मंगल ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा। लेकिन आवेग से बचना जरूरी है।
उपाय: ध्यान करें और संतुलन बनाए रखें।
