Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 Sep, 2026 12:19 PM

NCERT Class 9 New Book: NCERT कक्षा-9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में मोहम्मद गोरी को हराने वाली रानी नायकी देवी, रानी अब्बक्का चौटा और सिख गुरुओं के बलिदान को शामिल किया गया है। जानिए 'प्रतिरोध और दृढ़ता' अध्याय की मुख्य बातें।
नई दिल्ली (एजैंसी): एनसीईआरटी की ओर से तैयार की गई कक्षा-9 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में चालुक्य वंश की रानी नायकी देवी से लेकर उल्लाल की रानी अब्बक्का चौटा तक भारत की अल्प ज्ञात महिला शासकों के बारे में जानकारी दी गई है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह महीने बाद मंगलवार को ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ नामक यह पाठ्यपुस्तक जारी की गई। पाठ्यपुस्तक का पहला भाग इस साल जून में जारी किया गया था। रानी नायकी देवी को 1178 में माउंट आबू के पास कसरहड़ा में मोहम्मद गोरी को हराने का श्रेय दिया जाता है। सातवीं शताब्दी के बाद भारतीय उपमहाद्वीप पर हुए एक के बाद एक आक्रमणों का विवरण देने वाले अध्याय ‘प्रतिरोध और दृढ़ता’ में तुर्क आक्रमणकारियों के खिलाफ हिंदू शाही शासकों, चंदेलों, सोलंकियों और चौहानों के प्रतिरोध का भी उल्लेख किया गया है। वर्तमान कर्नाटक के उल्लाल की शासक रानी अब्बक्का चौटा (1525 से 1570) ने पुर्तगालियों की नौसेना का डटकर सामना किया था।
सिख गुरुओं पर मुगलों जैसी क्रूरता की मिसालें इतिहास में बहुत कम
एनसीईआरटी की नौवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में लिखा है कि इतिहास में सिख गुरुओं के खिलाफ मुगलों जैसी क्रूरता की कम ही मिसालें मिलती हैं और इस क्रूरता की जड़ें ‘कट्टर धार्मिक तथा भेदभावपूर्ण प्रथाओं में’ समाहित थीं।
‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ के ‘रेजिस्टेंस एंड रेजिलिएंस’ नामक अध्याय में सातवीं शताब्दी के बाद भारतीय उपमहाद्वीप पर हुए लगातार आक्रमणों का उल्लेख है। ‘सिख गुरुओं, विशेष रूप से गुरु अर्जन देव, गुरु तेग बहादुर और दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के खिलाफ मुगल शासन की क्रूरता की इतिहास में कम ही मिसालें मिलती हैं। धर्म की रक्षा के लिए गुरुओं के साहस और बलिदान सिख धर्म की एक प्रमुख पहचान बन गए।’