Kark Sankranti 2026 : कब मनाई जाएगी कर्क संक्रांति, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Edited By Updated: 15 Jul, 2026 12:40 PM

kark sankranti 2026

सनातन धर्म में वैसे तो हर एक संक्रांति का बहुत खास महत्व है। जब कोई ग्रह एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे संक्रांति कहा जाता है। संक्रांति का दिन सूर्य देव की पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है।

Kark Sankranti 2026 : सनातन धर्म में वैसे तो हर एक संक्रांति का बहुत खास महत्व है। जब कोई ग्रह एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे संक्रांति कहा जाता है। संक्रांति का दिन सूर्य देव की पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है। इस साल 16 जुलाई 2026 गुरुवार को सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे। इस दिन सच्चे मन से और विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा करने और उनके मंत्रों का जाप करने से जीवन में आ रही सारी परेशानियो से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कर्क संक्रांति के शुभ मुहूर्त और स्नान दान के बारे में-

Kark Sankranti 2026

कर्क संक्रांति 2026 तिथि और पुण्य काल
पंचांग के अनुसार, कर्क संक्रांति पर पुण्य काल 16 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार पुण्य काल की कुल अवधि 6 घंटे 53 मिनट रहेगी।  

महापुण्य काल का सही समय
महापुण्य काल 16 जुलाई को शाम 5 बजकर 03 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। कर्क संक्रांति पर महापुण्य काल को सबसे अधिक शुभ माना जाता है। इसकी कुल अवधि 2 घंटे 18 मिनट होगी।

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कर्क संक्रांति का महत्व
सूर्य के कर्क राशि में आते ही भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं, जिसे चातुर्मास या चौमासा कहा जाता है। इस दौरान शादी, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं। साथ ही इस दिन सूर्य देव की पूजा अराधना करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और मन की हरल मनोकामना पूरी होती है। 

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