Edited By Sarita Thapa,Updated: 20 Oct, 2026 04:21 PM

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा करने से अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में...
Papankusha Ekadashi 2026 : आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा करने से अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। हालांकि, पूजा का पूरा फल तभी प्राप्त होता है जब विधान और वास्तु नियमों का सही ढंग से पालन किया जाए। खासकर पूजा में अर्पित किए जाने वाले पुष्पों और दिशा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
भगवान विष्णु को कभी न चढ़ाएं ये फूल
केतकी और केवड़ा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, केतकी और केवड़े के फूल भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा में पूरी तरह से वर्जित हैं।
कनेर
लाल रंग के कनेर के फूल श्रीहरि को अर्पित नहीं किए जाते हैं।
कचनार और शिरीष
कचनार और शिरीष के पुष्पों का प्रयोग भी एकादशी पूजन में अशुभ माना जाता है।
बासी या जमीन पर गिरे फूल
पूजा में कभी भी मुरझाए हुए, बासी, जमीन पर गिरे हुए या दूषित जल से धोए गए फूल न चढ़ाएं।
पूजा के लिए उत्तम फूल: भगवान विष्णु को पीला कमल, गेंदा, जूही और तुलसी दल अत्यंत प्रिय हैं। ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें, इन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
पापांकुशा एकादशी पूजा के मुख्य वास्तु नियम
पूजा स्थल की दिशा
भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थापित करें। यदि यह संभव न हो, तो पूर्व दिशा का चयन करें।
साधक का मुख
पूजा और आरती करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
पीले रंग का प्रयोग
श्रीहरि को पीला रंग अति प्रिय है। पूजा की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और स्वयं भी पीले वस्त्र धारण करके ही पूजन करें।
दीपक और धूप की स्थिति
देसी घी का दीपक हमेशा भगवान के दाहिने तरफ और धूप-अगरबत्ती बाईं तरफ रखनी चाहिए।
भोग का नियम
भगवान विष्णु को केवल सात्विक चीजों जैसे बेसन के लड्डू, केले या पंजरी का भोग लगाएं। बिना तुलसी पत्र के श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते।
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