Edited By Niyati Bhandari,Updated: 23 Sep, 2026 01:04 PM
Pitru Paksha 2026 Shopping Guidelines: जानें पितृपक्ष के दौरान कौन सी चीजें खरीदना शुभ होता है और किन वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए। श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए सात्विक जीवनशैली अपनाने का विधान है।...
Pitru Paksha 2026 Shopping Guidelines: पितृपक्ष को सनातन धर्म में पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति आभार प्रकट करने का पावन समय माना जाता है। इस अवधि में सात्विक नियम अपनाने के साथ-साथ खरीदारी को लेकर भी कुछ धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। जहां कुछ खास चीजों को घर लाना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है, वहीं कई वस्तुओं की खरीदारी को इस समय वर्जित माना गया है। वर्ष 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 से होने जा रही है। आइए जानते हैं कि श्राद्ध पक्ष में किन चीजों की खरीदारी करनी चाहिए और किन वस्तुओं से परहेज करना चाहिए:
पितृपक्ष में खरीद सकते हैं ये वस्तुएं
श्राद्ध कर्म में काले तिल का प्रयोग अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि इससे तर्पण करने पर पितरों को संतुष्टि मिलती है। इस अवधि में काले तिल खरीदकर किसी जरूरतमंद को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
तर्पण और पूजा-पाठ में गंगाजल का प्रयोग अत्यंत पवित्र माना जाता है। पितृपक्ष में गंगाजल घर लाकर पूजा स्थल और पूरे घर में छिड़कने की परंपरा है।
दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे अनाज, सब्ज़ी, दालें, फल आदि।
घर के लिए आवश्यक सामान जैसे तेल, नमक, मसाले।
श्राद्ध व पूजा के लिए सामग्री जैसे कुश, तिल, घी, धूप, पिंडदान हेतु सामग्री, पत्तल, कपड़े (दान हेतु)।
आवश्यक जीवनोपयोगी सामान जैसे दवा, बच्चों की ज़रूरत की चीज़ें, किताबें, स्टेशनरी।
टूटा-फूटा बर्तन बदलने के लिए नए बर्तन (यदि बहुत ज़रूरी हो)।
यदि किसी को कपड़े की तत्काल ज़रूरत है तो साधारण वस्त्र ले सकते हैं पर शुभ अवसर वाले कपड़े नहीं।

पितृपक्ष में भूलकर भी न खरीदें ये वस्तुएं
सुनार का सामान (सोना–चांदी, आभूषण, बहुमूल्य धातुएं) यह शुभ अवसरों के लिए होता है, जबकि पितृपक्ष शोक-श्राद्ध काल माना जाता है।
नया मकान, भूमि या वाहन खरीदना इस अवधि में गृह प्रवेश, भूमि पूजन या वाहन क्रय को अशुभ माना जाता है।
नए वस्त्र (शुभ अवसर हेतु) खासकर शादी, त्यौहार या मंगल कार्यों के लिए कपड़े खरीदना वर्जित है परंतु रोज़मर्रा के उपयोग हेतु सामान्य कपड़े खरीदे जा सकते हैं।
शुभ मांगलिक कार्यों का सामान जैसे शादी का जोड़ा, मंगलसूत्र, सगाई की अंगूठी आदि।
नया व्यापार आरंभ करने के उपकरण। यदि नया व्यापार शुरू करने के लिए सामान खरीदा जाए तो माना जाता है कि उसका फल पितरों को चला जाता है।
