Ramleela Utsav 2022: केवट से हुई भगवान राम की भेंट

Edited By Updated: 01 Oct, 2022 11:10 AM

ramleela utsav

श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से लालकिला मैदान में केवट राज का भगवान राम से मार्मिक संवाद हुआ। भगवान राम के बारे में मालूम होने पर केवट के भावुक होने व भगवान राम, लक्षमण एवं सीता को नाव से गंगा पार कराने की लीला हुई। इस दौरान कमेटी के बाड़े

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श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से लालकिला मैदान में केवट राज का भगवान राम से मार्मिक संवाद हुआ। भगवान राम के बारे में मालूम होने पर केवट के भावुक होने व भगवान राम, लक्षमण एवं सीता को नाव से गंगा पार कराने की लीला हुई। इस दौरान कमेटी के बाड़े में मौजूद दर्शकों की आंखे नम हो गई। कमेटी के महामंत्री धीरजधर गुप्ता ने बताया कि केवट प्रसंग के बाद भगवान राम के चित्रकूट में वास का मंचन हुआ। लीला की मुख्य विशेषता रावण द्वारा सीता का हरण का दृश्य रहा। रावण द्वारा जिस रथ का इस्तेमाल किया गया वह स्वचालित रथ था, जिसे बाड़े के चारों तरफ घुमाया गया।

चित्रकूट पर भरत मिलाप लीला देख दर्शक हुए भाव विभोर
आदर्श रामलीला कमेटी अशोक विहार फेस 2 में केवट मिलन, दशरथ मरण और चित्रकूट पर भरत मिलाप कि लीला का मंचन निपुण कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया। विशेष विकसित तकनीकी के प्रयोगों से पहाड़, झरने, नदी, बादल, बिजली का कड़कड़ाना, पक्षियों का चहकना, सुंदरबन, आदि के प्राकृतिक दृश्य को दिखाया गया। चित्रकूट पर भरत मिलाप की लीला देख दर्शक भाव विभोर हो गए। दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता सतीश गर्ग व आदर्श रामलीला कमेटी के चेयरमैन ओमप्रकाश गोयंका ने रामलीला का उद्घाटन किया। 

मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली भाजपा प्रदेश के संगठन महामंत्री सिद्धार्थन बतौर मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सिद्धार्थन ने कहा कि श्री राम के चरित्र का वर्णन शब्दों में तो हो ही नहीं सकता श्रीराम अत्यंत शक्तिशाली थे किंतु उन्होंने कभी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं किया तथा युद्ध में भी उन्होंने सदा मर्यादाओं का पालन किया हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। हर्ष मल्होत्रा ने कहां कि माता- पिता का सम्मान करना चाहिए। सारी प्रजा तथा परिवार को बिलखता छोड़कर श्रीराम ने जंगलों का रास्ता अपनाया और दुनिया को संदेश दिया कि माता- पिता की आज्ञा के सामने हर वस्तु तुच्छ है। अध्यक्ष अशोक गर्ग व महामंत्री अनिल यादव ने जल संरक्षण में सहयोग हेतु अपील की। कार्यक्रम मे विजय बंसल, चंदन शर्मा, नितिन बत्रा, प्रदीप गोयल, प्रवीण कुमार सिंह, देवेंद्र गुप्ता, संदीप खंडेलवाल, आनंद गुप्ता, बिट्टू हार्मिलापी, सुरेश गर्ग, राहुल गुप्ता उपस्थित रहे। बता दें कि आज यानी 1 अक्टूबर  को सीता हरण, सुर्पनखा अंग भंग, सबरी उद्धार की लीला का मंचन किया जाएगा। दर्शकों को पंचवटी के अलौकिक दृश्यों का अवलोकन करने को मिलेगा जिसमें जीवित पंक्षियों के द्वारा अद्भुत क्रीडा किया जाएगा।
 

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लवकुश में ‘मोदी के चीतों’ का रहा आकर्षण
लवकुश रामलीला कमेटी, लालकिला मैदान के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि बॉलीवुड के नामी नामी एक्शन डायरेक्टर मनोज कांगड़ा की निगरानी में 200 फुट की आकाश को छूती क्रेन से आकाश मार्ग में लीला स्थल पर गणपति महाराज मंच पर उतरे। खर-दूषण युद्ध, रावण जटायु युद्ध हवा में हुआ। लेकिन दर्शकों को सबसे आकर्षित किया सुतीक्षण प्रसंग जिसमें प्रभु श्रीराम, मां सीता की खोज में अगस्त्यमुनि से उनके तीर लेकर जंगलों में पहुंचे तो उन्हें 8 चीते कूनो नेशनल पार्क के मिले। चीते प्रभु श्रीराम के सामने नतमस्तक हो गए।

तीन घंटे में संपूर्ण रामलीला
आर्यन हेरिटेज फाउंडेशन की ओर से नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा, में ‘ब्रॉडवे रामलीला’ का मंचन दर्शकों का प्रभावित कर रहा है। राजेंद्र मित्तल के नेतृत्व में चल रही लीला का प्रदर्शन तीन घंटे तक चलता है और रामायण की पूरी कहानी प्रस्तुत किया जाता है। लीला में अहिल्या, कैकेई, हनुमान और रावण के चरित्रों को नई दृष्टि से प्रस्तुत किया जा रहा है। कलाकारों की पोशाकों और अभिनय पक्ष पर विशेष रूप से काम किया गया है। सरल हिंदी भाषा, मधुर संगीत, बहुमंजिला मंच ने लीला प्रस्तुति को आकर्षक बना दिया है। मल्टीप्लेक्स और संपूर्ण रामायण के नाम से भी इस लीला को जाना जाता है। आर्यन हेरिटेज फाउंडेशन के चेयरमैन ईश्वर बंसल, कोषाध्यक्ष अजय गुप्ता, सौरभ मित्तल, अनुज जयकरण की विशेष सक्रियता से लीला मंचन हो रहा है।

मार्मिक दृश्यों ने दर्शकों को किया भाव विभोर
श्री रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला मैदान (अजमेरी गेट) में मंचित की जा रही लीला दर्शकों भाव विभोर कर रही है। दशरथ-कैकेई संवाद, राम वनवास एवं निषाद राज केवट व प्रभु राम संवाद का संवाद काफी प्रभावशाली रहा। कमेटी के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि देश की आजादी के प्रतीक चरखा को लीला स्थल पर सेल्फी प्वाइंट के रूप  में रखा गया है। यहां खाटू श्यामजी का मंदिर भी बनाया गया है।

हुआ सीता का हरण, खोज में निकले राम
रामलीलाओं के मंचन में शुक्रवार को सीता हरण से व्याकुल राम-लक्ष्मण वन-वन भटके। राम सीते-सीते की आवाज लगाकर दुखी मन से भटकते दिखाई दिए। हवा में रावण-जटायु के युद्ध की लीला काफी प्रभावशाली रही। जिसे देखकर दर्शकों काफी भावुक हुए। रामलीला में खर-दूषण युद्ध का भी मंचन किया गया। निषाद राज व प्रभुराम संवाद ने जीता दर्शकों का दिल रामलीला मैदान (अजमेरी गेट) में श्री रामलीला कमेटी द्वारा दशरथ-कैकेई संवाद, राम वनवास एवं निषाद राज केवट व प्रभु राम संवाद का हुआ मंचन जोकि दर्शकों को काफी पसंद आया। कमेटी के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि देश के आजादी के प्रतीक चरखा को लीला के प्रवेश द्वार के अन्दर मंच के पास सेल्फी प्वाइंट के रूप  में रखा गया है, लीला स्थल पर खाटू श्यामजी का मंदिर भी बनाया गया है। जो इस बार के रामलीला मैदान के रामलीला स्थल को को खास बना रहा है। ये एकमात्र रामलीला है जहां 11 दिन तक 22 झांकी निकलती है।
 

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