Edited By Sarita Thapa,Updated: 20 Aug, 2026 01:21 PM

हिंदू धर्म में सावन महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली पुत्रदा एकदशी बहुत खास महत्व है। यह तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त से संतान सुख प्राप्त करने के लिए बहुत फलदायी माना जाता है।
Sawan Putrada Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में सावन महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली पुत्रदा एकदशी बहुत खास महत्व है। यह तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त से संतान सुख प्राप्त करने के लिए बहुत फलदायी माना जाता है। इस साल सावन माह में पड़ने वाली एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026, रविवार के दिन रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो दंपति इस दिन सच्चे मन से और पूरे विधि-विधान के साथ श्री हरि की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। लेकिन कुछ लोगों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि क्या बेटी की चाह रखने वालों के लिए भी यह दिन खास है। तो आइए पुत्रदा एकादशी और संतान कामना के रहस्य के बारे में-
पुत्रदा एकादशी और संतान कामना का रहस्य
पौराणिक कथाओं के अनुसार, पुत्रदा' शब्द का शाब्दिक अर्थ 'पुत्र या संतान देने वाली' है। प्राचीन काल में राजा सुकेतुमान और उनकी रानी शैव्या को कोई संतान नहीं थी। जब उन्होंने ऋषियों के परामर्श पर सावन एकादशी का विधि-विधान से व्रत किया, तो उन्हें एक योग्य और धर्मपरायण पुत्र की प्राप्ति हुई। कथा में भी राजा की इच्छा विशेष रूप से पुत्र प्राप्ति की है और व्रत के फलस्वरूप उन्हें तेजस्वी पुत्र प्राप्त होता है. इसलिए शास्त्रीय कथा के स्तर पर पुत्रदा एकादशी का मूल फल पुत्र प्राप्ति से जुड़ा हुआ है।

क्या बेटी की चाह रखने वालों के लिए भी खास है यह दिन?
सनातत परंपरा में संतान को भगवान का रूप माना जाता है, चाहे वह बेटा हो या बेटी हो। यदि आप एक गुणवान, संस्कारी कन्या की कामना रखते हैं, तो सावन की पुत्रदा एकादशी पर कुछ ऐसे उपाय हैं, जिन्हें करने से एक संतान हीनता के दोष को समाप्त करने वाले संतान की प्राप्ति होती है।
मां लक्ष्मी और श्रीहरि का संयुक्त पूजन
पुत्रदा एकदाशी के दिन श्री हरि के साथ माता लक्ष्मी का अभिषेक करें और उन्हें लाल फूल, कौडियां और श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
कन्या पूजन एवं दान
पुत्रदा एकदाशी के दिन छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक घर पर बुलाकर भोजन करवाएं और लाल रंग के वस्त्र और फल उपहार में दें।
पीली वस्तुओं का भोग
पुत्रदा एकदाशी की पूजा के दौरान भगवान विष्णु को चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं और प्रार्थना करें कि आपके घर में लक्ष्मी स्वरूपा कन्या का जन्म हो।
