Shri Rani Sati Mandir: भारत के सबसे अमीर मंदिरों में शामिल है रानी सती मंदिर

Edited By Updated: 21 Dec, 2024 07:25 AM

shri rani sati mandir

Rani Sati Temple: राजस्थान के झुंझुनू शहर के बीचों-बीच स्थित रानी सती मंदिर देश के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के अलावा भारत के सबसे अमीर मंदिरों में स्थान रखता है। बाहर से देखने पर यह मंदिर किसी राजमहल जैसा दिखाई देता है। पूरा मंदिर संगमरमर से बना है।...

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Rani Sati Temple: राजस्थान के झुंझुनू शहर के बीचों-बीच स्थित रानी सती मंदिर देश के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के अलावा भारत के सबसे अमीर मंदिरों में स्थान रखता है। बाहर से देखने पर यह मंदिर किसी राजमहल जैसा दिखाई देता है। पूरा मंदिर संगमरमर से बना है। इसकी बाहरी दीवारों पर शानदार रंगीन चित्रकारी की गई है। मंदिर में शनिवार और रविवार को खासतौर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। रानी सती जी को समर्पित यह मंदिर 400 साल पुराना है। रानी सती का यह मंदिर सम्मान, ममता और स्त्री शक्ति का प्रतीक है। देश भर से भक्त रानी सती मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। भक्त यहां विशेष प्रार्थना करने के साथ ही भाद्रपद माह की अमावस्या पर आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में भी हिस्सा लेते हैं ?

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History of Rani Sati Temple Jhunjhunu 16 देवियों की मूर्तियां
रानी सती मंदिर के परिसर में कई और मंदिर हैं जो शिव जी, गणेश जी, माता सीता और राम जी के परम भक्त हनुमान जी को समर्पित हैं। मंदिर परिसर में षोडश माता का सुंदर मंदिर है, जिसमें 16 देवियों की मूर्तियां स्थापित हैं। परिसर में नयनाभिराम लक्ष्मीनारायण का मंदिर भी बना हुआ है। मारवाड़ी लोगों का दृढ़ विश्वास है कि रानी सती जी, स्त्री शक्ति की प्रतीक और मां दुर्गा का अवतार थीं। उन्होंने अपने पति के हत्यारे को मारकर बदला लिया और फिर अपने सती होने की इच्छा पूरी की। वैसे अब मंदिर का प्रबंधन सती प्रथा का विरोध करता है। मंदिर के गर्भगृह के बाहर बड़े अक्षरों में लिखा है हम सती प्रथा का विरोध करते हैं।

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How To Reach Rani Sati Temple कैसे पहुंचें रानी सती मंदिर ?
झुंझुनूं बस स्टैंड से रानी सती मंदिर के लिए ऑटो रिक्शा से दूरी 3 किलोमीटर है। रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी 2 किलोमीटर है, वहीं शहर के गांधी चौक से मंदिर की दूरी महज एक किलोमीटर है। आप ऑटो रिजर्व करके भी मंदिर जा सकते हैं। मंदिर सुबह 5 बजे से दोपहर एक बजे तक और शाम 3 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुला रहता है। मंदिर के गर्भ गृह में निक्कर और बरमूडा पहने लोगों का प्रवेश वर्जित है। मंदिर का दफ्तर सुबह 9 बजे से शाम 8 बजे तक खुला रहता है। अगर एक दिन रुकना है तो रानी सती मंदिर के स्वागत कक्ष पर आवास के लिए भी आग्रह कर सकते हैं।

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