Shukra Pradosh Vrat August 2021: संसार का हर सुख देगी ये पूजा

Edited By Updated: 20 Aug, 2021 08:20 AM

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22 अगस्त, 2021 को सावन महीने का विश्राम हो जाएगा। आज 20 अगस्त, 2021 को सावन का आखिरी प्रदोष व्रत है। ये व्रत शुक्रवार को पड़ रहा है इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। हर

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Shukra Pradosh Vrat August 2021: 22 अगस्त, 2021 को सावन महीने का विश्राम हो जाएगा। आज 20 अगस्त, 2021 को सावन का आखिरी प्रदोष व्रत है। ये व्रत शुक्रवार को पड़ रहा है इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष कहा जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित है।

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Pradosh vrat august 2021 date and time शुक्र प्रदोष की महत्वता: व्रतराज नामक ग्रंथ में रात्रि से तीन घंटे पूर्व के समय को प्रदोष कहा गया है अर्थात सूर्यास्त से सवा घंटा पहले व सूर्यास्त के सवा घंटे बाद के समय को प्रदोष काल कहा गया है। तिथियों में त्रयोदशी को ही प्रदोष की संज्ञा प्राप्त है। मान्यतानुसार प्रदोष काल के समय महादेव कैलाश पर्वत के रजत भवन में नृत्य करते हैं और देवता उनके गुणों का स्तवन करते हैं।

महादेव को प्रदोष परम प्रिय है इसलिए इस काल में मृत्युंजय महादेव की उपासना की जाती है। पुराणों के अनुसार प्रदोष व्रत करने से सांसारिक दुखों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत सुख-संपदा युक्त जीवन शैली के अतिरिक्त यश, कीर्ति, ख्याति, वैभव और सम्पन्नता देने में समर्थ होता है। यह व्रत उपवासक को धर्म, मोक्ष से जोडऩे वाला और अर्थ, काम के बंधनों से मुक्त करने वाला है।

प्रदोष का पूजन वार के अनुसार करने का शास्त्रों में विधान है। शुक्र प्रदोष के विधिवत पूजन व्रत व उपाय से सभी सुखों की प्राप्ति होती है तथा अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है। महर्षि सूत के अनुसार शुक्र प्रदोष व्रत करने से महादेव से जीवनसाथी की समृद्धि का वर मिलता है। ऐश्वर्यवान जीवन प्राप्त होता है व दांपत्य सुख में वृद्धि होती है।

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Pradosh Vrat puja vidhi पूजन विधि: प्रदोष काल में शिवलिंग का विधिवत पूजन करें। गौघृत का दीप करें, चंदन धूप करें, गुलाबी फूल चढ़ाएं, गुलाल चढ़ाएं, इत्र चढ़ाएं, खीर का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग किसी सुहागन को भेंट करें। ऐश्वर्यवान जीवन हेतु शिवालय में सुगंधित तेल के 13 दीपक जलाएं। खंड सौभाग्य की प्राप्ति हेतु शिवालय में इत्र मिले गौघृत का दीपदान करें। सर्व सुखों की प्राप्ति हेतु मौली में पिरोए 13 गुलाब के फूल शिवलिंग पर चढ़ाएं।

शिव मंत्र: क्लीं काममूर्तये नमः शिवाय क्लीं॥

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