Vat Savitri Vrat 2026 : कब रखा जाएगा वट सावित्री का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

Edited By Updated: 10 May, 2026 02:58 PM

vat savitri vrat 2026

हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी माना जाता है। वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन रखा जाता है। इस व्रत का संबंध माता सावित्री और सत्यवान की कथा से...

Vat Savitri Vrat 2026 : हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी माना जाता है। वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन रखा जाता है। इस व्रत का संबंध माता सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख‑समृद्धि के लिए बरगद के पेड़ की पूजा करती है। माना जाता है कि इस दिन माता सावित्री ने अपने कठिन तप, बुद्धि और पतिव्रता बल से अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किए थे। तभी से इस व्रत की प्रथा शुरू हुई है। तो आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में-

Vat Savitri Vrat 2026

वट सावित्री व्रत 2026 कब है
अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगी और अमावस्या तिथि का समापन 16 मई को देर रात 1 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, वट सावित्री का व्रत 16 मई 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा।

Vat Savitri Vrat 2026

वट सावित्री शुभ मुहूर्त
वट सावित्री व्रत पर पूजा के लिए सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 08 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दिन के 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर के 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।

वट सावित्री का महत्व
वट सावित्री व्रत के दिन बरगद के पेड़ की पूजा करने का बहुत खास महत्व है। कहा जता है कि बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, महेश और विष्णु की वास होता है। इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ सुहागिन महिलाओं द्वारा इस पेड़ की पूजा करने से पति की आयु लंबी होती है और वैवाहिक जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती है। 

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